दिल्ली विधानसभा चुनावः कांग्रेस प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों का इंतजार
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विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) ने धुआंधार प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। दोनों पार्टियों के स्टार प्रचारक एक दिन में चार से पांच चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि स्टार प्रचारकों की सूची जारी होने के तीन दिन बाद भी कांग्रेस का कोई भी स्टार प्रचारक मैदान में नहीं उतरा है। जबकि कांग्रेस प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों का इंतजार है ताकि प्रचार को धार मिल सके। माना जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों के नाम, चुनावी घोषणा पत्र और प्रचार अभियान शुरू होने में देरी का असर चुनाव परिणामों पर भी पड़ सकता है।
भाजपा और आम आदमी पार्टी ने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। भाजपा के स्टार प्रचारकों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और मनोज तिवारी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। सपना चौधरी सहित पार्टी के कई नेता प्रत्याशियों के समर्थन में 40 स्टार प्रचारकों के साथ जनता के बीच होंगे। वहीं आप की ओर से अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, भगवंत मान, मनीष सिसोदिया, सुशील गुप्ता सहित 39 स्टार प्रचारक रोड शो, जनसभा और नुक्कड़ सभाओं में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि विशाल ददलानी अभी इस अभियान में शामिल नहीं हुए हैं।
वहीं कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में शामिल पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, सांसद शशि थरूर, नवजोत सिंह सिद्धू, शत्रुघ्न सिन्हा सहित पार्टी के 40 स्टार प्रचारकों का प्रत्याशी और कार्यकर्ता अब भी उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं प्रचार अभियान के साथ-साथ भाजपा और आप घोषणा पत्र के लिए भी तैयारियां कर रही हैं। इसके लिए पार्टियों ने जनता से सुझाव भी मांगे हैं ताकि घोषणा पत्र भी जल्द से जल्द जारी कर सकें। लेकिन स्टार प्रचारकों के अभियान में देरी से जुटने से कांग्रेस को अन्य पार्टियों के मुकाबले चुनाव से समर्थन हासिल करने के लिए कम वक्त मिलेगा।
खुद ही समर्थन मांगने में जुटे हैं प्रत्याशी
टिकट की घोषणा से पहले कांग्रेस लगातार दोनों पार्टियों पर निशाने साध रही थी। साथ ही प्रत्याशी भी अपने स्तर पर वोटरों का समर्थन हासिल करने में जुटे थे। स्टार प्रचारकों के नहीं उतरने की वजह से कांग्रेस प्रत्याशी खुद ही अपने अपने क्षेत्रों में समर्थन हासिल करने में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि स्टार प्रचारकों के चुनावी मैदान में उतरने से तमाम मुद्दों पर कांग्रेस एक बार फिर आक्रामक होगी।
स्टार प्रचारकों की सूची में नाम नहीं से पूर्व सांसद संदीप दीक्षित खफा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद संदीप दीक्षित की ओर से स्टार प्रचारकों की सूची पर सवाल उठाने के बाद पार्टी में अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है। दीक्षित ने पार्टी के ही कुछ नेताओं पर निशाना साधा है। मतभेद को दीक्षित ने स्टार प्रचारकों की सूची से खुद को बाहर रखने की वजह बताते हुए कहा कि मैं हमेशा पार्टी के लिए काम करता रहा हूं, यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
दो दिन पहले कांग्रेस ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी थी। सूची में दिल्ली के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित का नाम नहीं है। सूची पर तंज कसते हुए दीक्षित ने कहा कि पार्टी के कुछ ऐसे नेता हैं जो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में बैठकर राजनीतिक समीकरण तैयार करते हैं। संदीप दीक्षित के इस बयान पर कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ने लगी हैं। दीक्षित ने कहा कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के किसी नेता के साथ उनका कोई मतभेद नहीं है। मैं हमेशा पार्टी के लिए काम करता रहा हूं। सूची में नाम हो या न हो पार्टी के लिए आगे भी काम करता रहूंगा।
कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सरकार 15 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों के आधार पर दिल्ली वासियों से समर्थन मांग रही है। लेकिन प्रचार में दिल्ली के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र को शामिल न किए जाने पर कांग्रेस में आपसी खींचतान बढ़ने लगी है।