एक बार फिर AAP का साथ देगी कांग्रेस
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कांग्रेस ने सत्यमेव जयते, केवल सत्य ही बोलें की टोपी पहनने के साथ दिल्ली में गांधीगीरी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय मकान ने साफ किया है कि वो अंग्रेजी शासन था, यहां जनता की चुनी सरकार है तो फिर इनके साथ तो सहयोग बनता है।
अजय माकन ने कहा है कि स्वाइन फ्लू पर जागरूकता अभियान चलाकर केंद्र व राज्य सरकार का सहयोग करेंगे। कांग्रेस विपक्ष में है, लेकिन हम सिर्फ राजनीति नहीं करेंगे। हम सामाजिक उत्थान के कार्यक्रम में आगे बढ़कर सरकार के साथ भागीदारी करेंगे।
उन्होंने कहा कि अभियान की जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखेंगे और पूछेंगे कि सरकार को अगर लगता है कि इससे अच्छा कुछ कर सकते हैं तो बताएं।
केजरीवाल को माकन ने लिखी चिट्ठी
संवाददाता सम्मेलन में माकन ने बताया कि स्वाइन फ्लू जागरूकता कार्यक्रम 138 मेट्रो स्टेशन व बाजारों में चलाएंगे। बुधवार से अभियान शुरू होगा। तीन दिन अभियान चलेगा जिसमें सुबह 8-10 बजे व शाम को 5-7 बजे के बीच लोगों को पम्फलेट बांटकर जागरूक करेंगे। वहीं प्रदेश कांग्रेस की वेबसाइट स्वाइन फ्लू से संबंधित सरकारी वेबसाइट के लिंक भी देंगे।
सत्यमेव जयते महात्मा गांधी का नारा है, जो टोपी में लिखा है। इसका अर्थ होता है सत्य की जीत होती है। इसलिए टोपी की दूसरी तरफ केवल सत्य ही बोलें लिखा है। यह कार्यकर्ताओं को एहसास कराता रहेगा कि केवल सत्य ही बोलना चाहिए। टोपी कांग्रेस के लिए कोई नई नहीं है। मेरे दादा जी और तमाम स्वतंत्रता सेनानी सफेद टोपी पहनते थे। -अजय माकन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
कांग्रेस में शीला दीक्षित को बड़ी जिम्मेदारी देने की अटकलें
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को कांग्रेस संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देने की अटकलों का बाजार गरम है। कांग्रेस मुख्यालय में चर्चा है कि शीला दीक्षित को पार्टी संगठन में राष्ट्रीय महासचिव की कुर्सी दी जा सकती है। साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभार भी दिए जाने की बातें पार्टी में खूब चल रही हैं।
दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी अजय माकन को देने के बाद शीला को राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में जगह देने की बात जोर पकड़ रही है। माकन शीला के विरोधी माने जाते हैं। पार्टी हलकों में संदेश जा रहा है कि शीला को दिल्ली की राजनीति से अलग करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने माकन को दिल्ली का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। अब दीक्षित को राष्ट्रीय संगठन में जगह देकर पार्टी इसकी भरपाई कर सकती है। गांधी परिवार से नजदीकियों के कारण भी शीला को कांग्रेस महासचिव की कुर्सी देने की चर्चा है।
शीला दिल्ली में 15 साल मुख्यमंत्री रहीं।
कुर्सी जाने के बाद हाईकमान ने उन्हें केरल का राज्यपाल बनाया था। केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद शीला को राज्यपाल की कुर्सी छोड़नी पड़ी। राहुल गांधी के छुट्टी से वापस आने के बाद पार्टी संगठन में फेरबदल की बात चल रही है। माना जा रहा है कि दीक्षित को महासचिव की कुर्सी देकर पार्टी ब्राह्मण कार्ड खेल सकती है। कांग्रेस संगठन में ब्राह्मण चेहरे के नाम पर जनार्दन द्विवेदी और मोतीलाल वोरा दो ही चेहरे हैं। दीक्षित को आगे कर पार्टी जातिगत समीकरण बैठा सकती है।