सुषमा स्वराज की शोक सभा में पीएम मोदी ने इस तरह किया उन्हें याद
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दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया। इस शोक सभा में पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह के अलावा भाजपा के तमाम बड़े नेता मौजूद थे। पीएम मोदी ने सुषमा स्वराज से जुड़ी कई बातों को लोगों के सामने रखा।
पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के व्यक्तित्व को बहुआयामी बताते हुए कहा कि उम्र में छोटी होने के बावजूद वह उन्हें बहुत कुछ सिखा कर गईं। जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पीएम ने दिवंगत सुषमा को सबकी प्रेरणा बताया और कहा कि अनुशासन और विचारधारा के प्रति उनकी अटूट आस्था हम सबके लिए प्रेरणा है। जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित श्रद्घांजलि सभा में कांग्रेस, बसपा सहित कई दलों के नेताओं ने उन्हें याद किया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा कई दिग्गज नेता मौजूद थे।Delhi: Prime Minister Narendra Modi at condolence meet for late former Union Minister & BJP leader Sushma Swaraj being held at Jawaharlal Nehru Stadium. pic.twitter.com/k3lgftqRRV
— ANI (@ANI) August 13, 2019विज्ञापन
पीएम ने इस दौरान खासतौर पर उनके बेदाग सार्वजनिक जीवन, ऊंचाई के हर मानक को पार करने वाले भाषण, विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता और अनुशासन को सर्वोपरी मानने की जीवन शैली की जमकर तारीफ की। पीएम ने कहा कि अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने हजारों बार विभिन्न फोरम पर अनुच्छेद 370 और कश्मीर पर पार्टी की नीति को रखा होगा। उनके निधन के बाद जब मैं उनकी पुत्री बांसुरी से मिला तो उन्होंने बताया कि कृष्ण के चरणों में पहुंचने से पहले वह उमंग से भरी हुई थी। ऐसा लगता था जैसे उनके जीवन का सपना पूरा हो गया हो। लक्ष्य हासिल हो गया हो। जब वह गईं तो उमंग से भरा उनका मन नाच रहा था। ऐसे ही पल को जीते जीते कृष्णभक्त सुषमा उनके चरणों में पहुंच गईं।
पीएम ने बतौर विदेश मंत्री उनके कार्यकाल को याद किया। उन्होंने कहा कि आमतौर पर विदेश मंत्रालय को प्रोटोकॉल के लिए जाना जाता है। सुषमा ने प्रोटोकॉल को पीपुल्सकॉल में बदल दिया। दुनिया भर में बसे भारतीयों को अपना अहसास कराया। मंत्रालय के चरित्र में बदलाव लाया। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके कार्यकाल संभालने तक देश भर में महज 77 पास्टपोर्ट ऑफिस थे, जबकि उन्होंने महज 5 वर्षों में 505 नए पास्टपोर्ट ऑफिस बनाए।
ममता ही नहीं हरियाणवी ठसक भी
पीएम ने कहा कि सभी सुषमा की ममतामयी व्यक्तित्व की चर्चा कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि पार्टी को गलत फैसले से बचाने के मामले में वह बेहद कठोर थी। तब हरियाणवी ठसक के साथ न सिर्फ कड़वी बात कहने से नहीं चूकती थीं, बल्कि उस पर विकट परिस्थितियों में भी अडिग रहती थीं।
सीख देने वाला अनुशासन
पीएम ने इस दौरान सुषमा के अनुशासन की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिना किसी संकोच, भय के सुषमा जी ने कई गंभीर चुनौती स्वीकारीं। निश्चित हार के बावजूद बेल्लारी से चुनाव लड़ीं। इस बार चुनाव नहीं लड़ने के बाद बिना किसी निर्देश का इंतजार किए सरकारी मकान खाली कर दिया। जबकि सबको पता है कि चुनाव में हार के बाद सरकारी मकान खाली कराने केलिए क्या-क्या करना पड़ता है। इस दौरान कांग्रेस के आनंद शर्मा, बीएसपी केसतीश चंद्र मिश्र, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, मुरली मनोहर जोशी ने भी उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
Delhi: Prime Minister Narendra Modi, Home Minister Amit Shah, Defence Minister Rajnath Singh and BJP Working President JP Nadda observe 2-minute silence during the condolence meet for late former Union Minister & BJP leader Sushma Swaraj at Jawaharlal Nehru Stadium. pic.twitter.com/r31jyJuPYi
— ANI (@ANI) August 13, 2019
पीएम मोदी ने कहा, सुषमा जी एक बहुमुखी प्रतिभा वाली शख्सियत थीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें नजदीक देखा और समझा है। मुझे आज भी याद है कि मैं और वेंकैया नायडू जी सुषमा जी से मिलने जा रहे थे और उनसे कर्नाटक में चुनाव लड़ने की अपील कर रहे थे। नतीजा हमें पता था, लेकिन इस बात से साबित होता है कि वह चुनौती लेने से कभी पीछे नहीं हटती थीं।