इन्हें दिख रहा बीजेपी में अपना राजनीतिक भविष्य
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दिल्ली चुनावों की आहट सुनते ही दलबदलुओं ने अपना भविष्य तलाशना शुरु कर दिया है। इन नेताओं में कुछ अपनी पुरानी पार्टी की जिद्दी छवि का तमगा छुड़ाकर आए हैं तो कोई टिकट ना मिलने की संभावनाओं की वजह से। कुछ को अपने नेता से नाराजगी है तो कुछ का पुरानी पार्टी में अस्तित्व खतरे में है।
चुनावी समर से पहले के इस मौसम में आम आदमी पार्टी से ज्यादातर नेताओं का मोह भंग हुआ है वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी सभी को पालनहार की भूमिका में नजर आ रही है। ज्यादातर दलबदल करने वाले नेताओं को लगता है कि बीजेपी ही इनके राजनीतिक भविष्य की नईया को पार लगा सकती है। दिल्ली की महाभारत अभी शुरु भी नहीं हुई है, कि दल बदलने वालों ने शकुनी की चालें चलना शुरु कर दिया है।
आज हम आपको उन पांच नामों की कहानी सुनायेंगे जो बीजेपी को आने वाले समय में राजनीतिक भविष्य के रुप में देख रहे हैं। इन नेताओं में से ज्यादातर वो हैं जिन्होंने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ दिया है, और नये सेनापति के सहारे नया युद्द लड़ने का मन बना लिया है।
कौन से हैं ये नेता जिन्होंने थामा है बीजेपी का हाथ, पढ़िए पूरी खबर।
बीजेपी ने खोले इनके लिए दरवाजे
एम.एस. धीर
इन नेताओं में एक नाम शुमार है एम.एस धीर का। धीर ने पिछले दिनों ही भारतीय जनता पार्टी में एक नयी शुरुआत की है। पूर्व आप नेता एम.एस धीर वही हैं जिन पर आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल ने पिछले विधानसभा चुनावों के बाद बड़ा भरोसा जताया था।
इसी वजह से धीर विधानसभा अध्यक्ष भी बने थे। हालांकि इस दौरान धीर पर कई आरोप भी लगे। जब आप ने धीर को आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी टिकट ना देने का मन बनाया तो, धीर ने मोदी का गुणगान करना शुरु कर दिया।
इस मेहनत का धीर को फल भी मिला। बीजेपी ने धीर के लिए अपने दरवाजे खोल दिए। धीर ने बीजेपी ज्वाइन करते वक्त कहा कि उन्हें केजरीवाल और आप नेताओं से कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन अगर फिर से आप जीतती है तो फिर वह सरकार छोड़ सकती है। वहीं दिल्ली को नरेन्द्र मोदी के साफ विजन की जरुरत है।
इन्हें है बीजेपी से उम्मीद
रामवीर शौकीन
इन दलबदल करने वाले नेताओं में नया नाम है रामवीर शौकीन का। रामवीर पिछले विधानसभा चुनावों में निर्दलीय ही दिल्ली के समर में उतरे थे और इन्हें जीत भी हासिल हुई थी। शौकीन ने पिछले चुनावों में बीजेपी की टिकट टुकरा कर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
पिछले चुनाव में रामवीर आप को बाहर से समर्थन देते रहे थे। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक रामवीर ने अब भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने की तैयारी कर ली है, फिलहाल रामवीर के पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बीजेपी में शामिल होने की है संभावना
हरीश खन्ना
आप का साथ छोड़ने वाले अगले नेता है हरीश खन्ना। हरीश खन्ना पिछले विधानसभा चुनावों में आप के टिकट पर तिमारपुर सीट से बीजेपी की उम्मीदवार को हराने में कामयाब रहे थे।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रह चुके साफ स्वच्छ छवि के माने जाने वाले हरीश की पिछले कुछ समय से पार्टी के आलाकमान से नाराजगी चल रही है।
इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अगला चुनाव ना लड़ने की मंशा जाहिर कर दी है। सूत्र बताते हैं कि हो सकता है एमएसधीर की तरह अगले क्रम में हरीश खन्ना बीजेपी का थामन थाम सकते हैं।
नयी संभावनाओं की तलाश कर रहे ये नेता
शोएब इकबाल
मटिया महल विधानसभा सीट शोएब इकबाल पांच बार विधायक रह चुके हैं। 1993 से वे इस सीट पर अलग-अलग पार्टियों की तरफ से क्षेत्र की जनता का प्रतिनिध्व करते रहे हैं। इकबाल के लिए कहा जाता है कि वो किसी पार्टी के लिए वफादार नहीं है, लेकिन उनका इलाके की जनता में मजबूत प्रभुत्व है।
फिलहाल शोएब इकबाल के किसी नयी पार्टी में शामिल होने की सही पुष्टि नही हुई है। हो सकता है कांग्रेस के साथ रहे शोएब बीजेपी के साथ जा सकते हैं।
शाजिया इल्मी
आप का साथ छोड़ने वालों की लिस्ट में एक पुराना नाम शाजिया इल्मी का है। शाजिया इंडिया अगेंस्ट करप्शन के मूवमेंट से आप से जुडी़ रही थी, लेकिन लोकसभा चुनाव में अपनी सीट के विवाद की वजह से नाराज रही शाजिया ने बाद में पार्टी छोड़ दी।
कहा जा रहा था कि शाजिया गाजियाबाद से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन वो दिल्ली से चुनाव लड़ना चाहती थीं। कुछ समय पहले तक शाजिया बीजेपी के स्वच्छ भारत अभियान के मंच पर दिखाई दे रही थीं। हालांकि उन्होंने अभी किसी भी पार्टी को ज्वाइन करने की पुष्टि नहीं की है। हो सकता आने वाले समय में शाजिया बीजेपी के साथ नजर आ सकती हैं।