1 जनवरी से शुरू होगा कॉमन मोबिलिटी कार्ड सिस्टम, सरकार के इस दावे में हैं कई झोल
नए साल से मेट्रो और बस यात्रियों को दोनों जगह एक ही कॉर्ड (कॉमन मोबिलिटी कॉर्ड) से किराए के भुगतान की सुविधा मिलेगी। सरकार का यह दावा अच्छा तो है, इसका फायदा भी आम लोगों को मिलेगा, मगर सरकार के दावों को अमलीजामा पहनाना इतना आसान नहीं है।
दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो सब कुछ तैयार है, लेकिन अभी तक क्लस्टर बसों को सैम (सिक्योरड एक्सेस मॉड्यूल) चिप को खरीदने का ऑर्डर नहीं हुआ है।
अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली परिवहन निगम की बसों को उन्हें पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर इलेक्ट्रोनिक टिकटिंग मशीन (इटीएम) उपलब्ध कराने वाली कंपनी सैम चिप उपलब्ध करा रही है।
चिप खरीदने की लगभग सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है
क्लस्टर के लिए 2000 सैम चिप के लिए सितंबर में निविदा जारी की गई थी। यह चिप साउथ कोरिया की एक कंपनी बनाती है। संख्या बेहद कम होने के कारण उसने इसमें रुचि नहीं दिखाई थी, जिसके बाद दोबारा टेंडर जारी करने की बात कही गई थी।
दिल्ली सरकार के सूत्रों की मानें तो चिप खरीदने की लगभग सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उसे साउथ कोरिया की कंपनी से खरीदा जाना है। इसमें 2000 सैम चिप के लिए 30 लाख से अधिक का खर्च आएगा, मगर अभी तक चिप के लिए ऑर्डर जारी नहीं किया गया है। आदेश जारी करने के बाद भी चिप उपलब्ध होने और उसे इटीएम में लगाने में भी समय लगेगा।
ट्रायल हो चुका है सफल
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी केे अनुसार, कॉमन मोबिलिटी कॉर्ड को लेकर सभी ट्रायल पूरे हो चुके हैं। डीटीसी और क्लस्टर की 50-50 बसों में सफल ट्रायल किया जा चुका है। अगर क्लस्टर बसों के लिए अगले 10 दिन में चिप उपलब्ध हो जाते हैं तो हम इसी माह के अंत तक ही कॉमन मोबिलिटी कॉर्ड शुरू कर सकते हैं।