ठगों पर कड़ा प्रहार: चार डिजिट के पोर्टल ने देशभर के लोगों के बचाए 164 करोड़ रुपये, रोज 650 लोग मांग रहे मदद
डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने ये जो लोगों की भारी भरकम रकम बचाई है वह तुरंत शिकायत करने पर बची है। अगर पीड़ित तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर देता हैं तो जांच करके पता लगा लिया जाता है कि पीड़ित का पैसा कहां तक पहुंचा है।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलीजेंस फ्यूजन स्ट्रैटिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) देश के लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है। इसके जरिए पुलिस ने लोगों के 163.84 करोड़ रुपये बचाए हैं। ये रकम फाइनेंशियल फ्रॉड करने वाले आरोपियों ने लोगों से ठग ली थी। पीड़ितों द्वारा समय से सिटीजन फाइनेंशियल फ्रॉड पोर्टल हेल्पलाइन (1930) को सूचना देने पर पुलिस ने यह रकम जालसाजों के बैंक खातों में जाने से पहले ही बैंकों में रुकवा दी। अब बड़े पैमाने पर लोगों के लिए सहायक बन रही इस हेल्पलाइन-1930 का सभी राज्यों, बैकों व डिजिटल प्लेटफार्म तक विस्तार किया जा रहा है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों और बैंकों और वित्तीय मध्यस्थों को एकीकृत करने के लिए दिल्ली पुलिस की चार आईसी द्वारा नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली विकसित (सिटीजन फाइनेंशियल फ्रॉड पोर्टल हेल्पलाइन (1930)) की गई है। इस हेल्पलाइन को एक अप्रैल, 2021 को लॉन्च किया गया था। इस पोर्टल से देश भर पुलिस और देश के सभी बैंकों को जोड़ा गया।
आईएफएसओ के डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि पोर्टल की सफलता को देखते हुए इसका विस्तार किया जा रहा है। एक, हेल्पलाइन 28 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है। धोखेबाजों द्वारा धन के प्रवाह को रोकने के लिए पैन-राष्ट्रीय कवरेज के लिए अन्य राज्यों में रोल आउट चल रहा है। यही नहीं, इस हेल्पलाइन से देश की सभी बैंक, यूपीआई व डिजिटल बैलेट आदि को भी जोड़ा रहा है। बैंकों व डिजिटल चैनलों से भी संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन की लाइनें की बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में चल रही चार लाइनों को बढ़ाकर 12 किया जा रहा है।
तुरंत शिकायत करने वाले का बच जाता है पैसा
डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने ये जो लोगों की भारी भरकम रकम बचाई है वह तुरंत शिकायत करने पर बची है। अगर पीड़ित तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर देता हैं तो जांच करके पता लगा लिया जाता है कि पीड़ित का पैसा कहां तक पहुंचा है। जालसाजी ठगी की रकम को कुछ ही देर में कई बैंक खातों में ट्रांफसर कर लेते हैं। ऐसे में समय से सूचना मिलने पर पुलिस बैंक को अलर्ट कर देती और बैंक उस रकम को ब्लाॅक कर देती है।
पुलिस को हर रोज मिलती हैं 650 कॉल
डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1930 पर प्रत्येक दिन वित्तीय ठगी की 650 के करीब कॉल आती हैं। हालांकि इनमें से करीब 100 कॉल ही नई व काम की होती है। बाकी कॉल पीडि़त अपने केस के स्टेटस का पता करने के लिए करता है।
रेस्पांस टाइम कम करने पर दिया जा रहा जोर
आईएफएसओ हेल्पलाइन का रेस्पांस टाइम करने पर जोर दे रही है। पुलिस 10 से 12 मिनट टाइम करना चाहती है। पीडि़त जब हेल्पलाइन पर कॉल करता है तो कई बार उसे लाइन खाली नहीं मिलती। ऐसे में काफी देर हो जाती है। इस स्थिति में पीड़ित का पैसा जालसाजों के जेब में जाने की संभावना बनी रहती है। इस लिए हेल्पलाइन की लाइनें बढ़ाई जा रही है। डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि पूरी जानकारी लेने के लिए अलग टीम बनाई जा रही है।
31224 लोगों का बचाया है 164 करोड़
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अप्रैल, 2021 से अभी तक की अवधि में 163,84,92,926 बचाए हैं। पुलिस ने इस अवधि में 31224 लोगों ने पुलिस की हेल्पलाइन पर कॉल की थी। इनमें ज्यादातर पीडि़त दिल्ली के रहने वाले हैं।