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कालेज भवन का मामला अदालत पहुंचा

Sat, 30 Jan 2016 05:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 30 Jan 2016 05:45 PM IST
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college building case reaches court

सोहना कस्बा सोहना में पुराने कॉलेज भवन भूमि पर किये जा रहे अवैध निर्माण को लेकर विवाद गहराने लगा है। सरकार व प्रशासन की निष्क्रियता के चलते उक्त मामला अदालत में पहुंच गया। नागरिकों ने अदालत में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।

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सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को हटाकर रोक लगाने को कहा है। याचिका में नगर परिषद सोहना को प्रतिवादी बनाया है। अदालत ने सुनवाई की तारीख फरवरी माह में निश्चित कर दी है।
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कस्बे के बस स्टैंड मार्ग पर पुराना कॉलेज भवन बना है। जिसको 50 वर्ष पूर्व स्थानीय नागरिकों ने निर्मित कराया था। राजस्व रिकार्ड के अनुसार कॉलेज की भूमि हरियाणा सरकार की मिलकियत है। जिसका कुल रकबा 14 कनाल है। इसके विपरीत निरंकारी कॉलेज समिति ने पुराने भवन को पूर्णत: तोड़ डाला है। बगैर सरकारी व विभागीय अनुमति के अवैध निर्माण किया जा रहा है, जो वर्तमान में भी बदस्तूर जारी है।
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निरंकारी समिति ने खेल मैदान को भी खत्म कर डाला। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता व मिलीभगत के चलते अवैध निर्माण पर रोक नहीं लग पाई है। जबकि स्थानीय नागरिक मामले की शिकायत सचिव नगर परिषद, एसडीएम सोहना, उपायुक्त गुडग़ांव, कमिश्नर गुडग़ांव व सीएम विंडों भी में लिखित रुप में दर्ज करा दी है।

विभागीय आदेश बने दिखावा-
पुराने कॉलेज की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को लेकर ऊपजे विवाद को ठंडा करने के लिए नगर परिषद विभाग के आदेश मात्र दिखावा बन गए है। नगर परिषद ने अवैध निर्माण करने, सरकारी भूमि पर कब्जा करने पर निरंकारी कॉलेज समिति के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये थे। किन्तु आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। इसके अलावा निर्मित अवैध निर्माण को तोड़कर शील लगाये जाने के फरमान भी ठंडे बस्ते में डाल दिए है।

अब मामला पहुंचा कोर्ट-
सरकारी भूमि का मामला अदालत में पहुंचने से सरकार व निष्क्रिय अधिकारियों की छवि धूमिल हो रगही है। अवैध निर्माण पर रोकने में असमर्थ विभागीय कार्य प्रणाली पर सवा्लिया निशान लग रहे हैं। कस्बे के नागरिक राजेंद्र कुमार ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करने पर न्यायालय की शरण ली है। याचिका दायर करके अवैध कब्जा हटाकर रोक लगाने की गुहार लगाई है।


क्या कहते है अधिकारी-
नगर परिषद के सचिव मक्खन लाल अग्रवाल ने इस मामले में कोई भी जबाब नहीं दिया। उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि नगर परिषद बिजेनस बाईलॉज सेक्शन-2 के तहत एमई (पालिका अभियंता) ही अधिकारी है। परिषद की तरफ से एमई को भवन से संबंधित सभी प्रकार के दस्तावेज सौंप दिए गए है। इस मामले को लेकर आरटीआई लगाई गई है, जो भी शिकायतें आई है, उन पर कार्यवाही चल रही है।

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