सीएम गुड़गांव से करेंगे 'मिशन इंद्रधनुष' की शुरूआत
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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की योजना के तर्ज पर प्रदेश सरकार अब अपना ‘मिशन इंद्रधनुष’ योजना शुरू करने जा रही है। दो नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल गुड़गांव के सेक्टर-10 स्थित अस्पताल से प्रदेश स्तरीय इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
इसके तहत प्रदेश के सभी जिले में दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा। इसी के साथ पांच साल तक के बच्चों के लिए माइक्रो न्यूट्रिएंट सप्लीमेंटेशन कार्यक्रम की शुरुआत भी की जाएगी।
अभी तक केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह मिशन चल रहा था। प्रदेश सरकार ने इसे अपनाते हुए इस मिशन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। केंद्रीय योजना के तहत चयनित 201 जिले में गुड़गांव समेत हरियाणा के पांच जिले शामिल थे।
प्रदेश सरकार की इस मिशन में सभी जिले को कवर किया जाएगा। इस योजना की शुरुआत करने के बाद सभी जिले में सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए सर्वे किया जाएगा। जहां कम टीकाकरण होगा, वहां पर नियमित रूप से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
माइक्रो न्यूट्रिएंट से दूर की जाएगी खून की कमी
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 40 फीसदी बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाता है। जिससे उन्हें डिप्थेरिया, काली खांसी, खसरा, हेपेटाइटिस बी जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है।
हाल ही में गुड़गांव में खसरा के दो दर्जन से अधिक मामले भी आए थे। इस टीकाकरण का मकसद बच्चों को बचपन में होने वाली सात प्रमुख बीमारियां डिप्थेरिया, काली खांसी, खसरा, हेपेटाइटिस-बी, टेटनेस, पोलियो, टीबी से रोकना है।
टीकाकरण योजना के तहत गुड़गांव में बच्चों को पेंटावैलेट वैक्सीन दी जाएगी। पेंटावैलेट के जरिए डिप्थेरिया, काली खांसी, हेपेटाइटिस-बी, टेटनेस, खसरा की रोकथाम की जाएगी। इसके अलावा पोलियो, बूस्टर और विटामिन-ए का टीका दिया जाएगा।
माइक्रो न्यूट्रिएंट सप्लीमेंटेशन कार्यक्रम के जरिए पांच वर्ष की आयु वाले बच्चों में खून की कमी को दूर किया जाएगा। इसके लिए सभी बच्चों को आयरन, विटामिन-ए, पेट में कीड़े मारने की दवा, आयोडिन के खुराक दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 75 फीसदी बच्चों में खून की कमी है। विटामिन-ए की कमी के कारण दस्त, खसरा, न्यूमोनिया आदि के खतरे होते हैं। कई बच्चों की मौत भी हो जाती है।