फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   CM Arvind Kejriwal wrote a letter to Tihar administration on false statement insulin

'मैं रोज इन्सुलिन मांग रहा हूं ': तिहाड़ से मुख्यमंत्री केजरीवाल की चिट्ठी, बोले- जेल प्रशासन का बयान झूठा

Mon, 22 Apr 2024 02:34 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 22 Apr 2024 02:34 PM IST
सार

अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल सुप्रिडेंटेंट को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में सीएम ने कहा है कि मैंने अखबार में तिहाड़ प्रशासन का बयान पढ़ा है। मैं रोज इन्सुलिन मांग रहा हूं।

विज्ञापन
CM Arvind Kejriwal wrote a letter to Tihar administration on false statement insulin
अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल सुप्रिडेंटेंट को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में सीएम ने कहा है कि मैंने अखबार में तिहाड़ प्रशासन का बयान पढ़ा है। मुझे बयान पढ़कर दुख हुआ है। तिहाड़ के दोनों बयान झूठे हैं। मैं रोज इन्सुलिन मांग रहा हूं। मैंने गुलुको मीटर की रीडिंग दिखाया बताया कि दिन में 3 बार शुगर बहुत हाई जा रही है। शुगर 250 से 320 के बीच जाता है। एम्स के डॉक्टरों ने कभी भी नहीं कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। वो डाटा और हिस्ट्री देखकर बताएंगे। तिहाड़ का प्रशासन राजनीतिक दवाब में झूठ बोल रहा है। 
विज्ञापन


तिहाड़ प्रशासन के पहले बयान पर केजरीवाल बोले
अतिहाड़ प्रशासन का पहला बयान है कि अरविंद केजरीवाल ने इन्सुलिन का मुद्दा कभी नहीं उठाया है। यह सरासर झूठ है। मैं पिछले 10 दिन से लगातार इन्सुलिन का मुद्दा उठा रहा हूं, दिन में कई बार उठा रहा हूं। जब भी कोई डॉक्टर मुझे देखने आया तो मैंने बताया कि मेरा शुगर लेवल बहुत हाई है। मैंने ग्लूको-मीटर की रीडिंग दिखा कर बताया कि दिन में 3 बार पीक आती है और शुगर लेवल 250-320 के बीच जाता है।
विज्ञापन


तिहाड़ प्रशासन का दूसरा बयान
मैंने बताया कि फास्टिंग का शुगर लेवल रोज 160-200 पर है। मैंने रोज इन्सुलिन की मांग की है। तो आप यह झूठा बयान कैसे दे सकते हैं कि केजरीवाल ने कभी इन्सुलिन का मुद्दा नहीं उठाया? तिहाड़ प्रशासन का दूसरा बयान है कि एम्स के डॉक्टर ने आश्वस्त किया है कि कोई चिंता की बात नहीं है। यह भी सरासर झूठ है। एम्स के डॉक्टर ने ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने शुगर लेवल का और मेरे स्वास्थ्य से जुड़ा पूरा डाटा मांगा, और कहा कि डाटा को देखने और विश्लेषण करने के बाद वो अपनी राय देंगे। मुझे बहुत दुख है कि आपने राजनैतिक दबाव में आ कर झूठे और गलत बयान दिये हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि आप कानून और संविधान का पालन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed