CM अरविंद केजरीवाल बोले: केंद्र सरकार 1300 एमजीडी पानी दे, 2.5 करोड़ की जगह 80 लाख आबादी के लिए ही मिल रहा जल
सीएम केजरीवाल बोले कि वर्ष 1997-98 में राजधानी के लिए 800-850 एमजीडी पानी तय किया गया था। उस वक्त राजधानी की आबादी 80 लाख थी, जबकि आज राजधानी की आबादी 2.5 करोड़ हो गई है, लेकिन राजधानी का पानी नहीं बढ़ाया गया है।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी की वर्तमान आबादी के मुताबिक पानी नहीं मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, केंद्र और सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1997-98 में राजधानी के लिए 800-850 एमजीडी पानी तय किया गया था। उस वक्त राजधानी की आबादी 80 लाख थी, जबकि आज राजधानी की आबादी 2.5 करोड़ हो गई है, लेकिन राजधानी का पानी नहीं बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार राजधानी को 1300 एमजीडी पानी दे दे तो दिल्ली सरकार 24 घंटे पानी घर-घर में पहुंचा देगी। लिहाजा केंद्र सरकार आसपास के राज्यों से पानी दिलवाने में मदद करें।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने ट्यूबवेल और रैनीवेल लगाकर जमीन से पानी निकाल कर पानी की मात्रा बढ़ाई है, लेकिन यमुना और गंगा से राजधानी को दी जाने वाली पानी की सप्लाई आज भी उतनी ही है जितनी पहले थी, जबकि राजधानी में तीन गुना आबादी बढ़ गई है और उसके लिए खाने-पीने, नहाने, कपड़े धोने और सफाई के लिए भी पानी चाहिए। ऐसे में यमुना और गंगा से मिलने वाले पानी में बढ़ोतरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में राजधानी में 861 एमजीडी पानी का उत्पादन होता था और आज 990 एमजीडी पानी का उत्पादन हो रहा है। इस तरह आप सरकार ने पिछले सात साल में 129 एमजीडी पानी बढ़ाया है। यह बढ़ा पानी यूपी-हरियाणा ने नहीं दिया, बल्कि सरकार ने ट्यूबवेल्स और रैनीवेल्स के जरिए जमीन से निकाल कर बढ़ाया है।
इसके अलावा द्वारका में 50 एमजीडी, बवाना में 20 एमजीडी और ओखला में 20 एमजीडी का जल शोधक संयंत्र बनाया है। इसके अलावा नांगलोई में पानी को री-साइकल करने के लिए एक री-साइकलिंग प्लांट बनाया है। साथ ही, भू-जल बाहर निकालने के लिए 500 नए बड़े-बड़े ट्यूबवेल लगाए गए। घर-घर पानी पहुंचाने के लिए 2250 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई है, इससे करीब 30 लाख घरों को पानी मिलना चालू हुआ है।
मुख्यमंत्री ने पूर्वी दिल्ली की जनता को नए भूमिगत जलाशय की सौगात दी
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पटपड़गंज इलाके में भूमिगत जलाशय का उद्घाटन किया। इस 110 लाख लीटर क्षमता के नवनिर्मित भूमिगत जलाशय एवं बूस्टर पम्पिंग स्टेशन से पांडव नगर, मयूर कुंज, प्रताप विहार, पटपड़गंज गांव व चिल्ला गांव समेत आठ कॉलोनियों और मयूर विहार फेज-1 की 31 सोसाइटियों में जलापूर्ति होगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी उपस्थित थे। इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप सरकार 12 यूजीआर बना चुकी है और पानी की समस्या को लेकर बहुत तेजी से काम किया जा रहा है। राजधानी में जितनी तेजी से आबादी बढ़ी उतनी ही तेजी से काम होना चाहिए, लेकिन पिछले 70-75 साल में उतनी तेजी से काम नहीं हुआ।
केजरीवाल जनता को सपने दिखाना बंद करें: बिधूड़ी
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजधानी को मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखा रहे है। वह सड़कों को सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर कुछ काम करें और कागजी योजनाएं बनाकर जनता को भ्रम में डालना बंद करें। बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री कभी राजधानी में पेरिस जैसी सड़कें बनाने का वादा करते हैं, कभी लंदन और सिंगापुर की सड़कों के सपने दिखाते हैं। जमीनी सच्चाई यह है कि राजधानी की सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों को राजधानी के प्रदूषण का बड़ा कारण बताया है। पिछले आठ साल में राजधानी की नई सड़कें बनाना तो दूर, मौजूदा सड़कों की मरम्मत का काम भी दिल्ली सरकार नहीं कर पाई। पिछले साल अक्तूबर में बारिश के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया था कि एक महीने में सारी सड़कों की मरम्मत कर दी जाएगी, लेकिन दिल्ली की जनता सड़कों की बुरी हालत झेल रही है। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री ने अप्रैल से सड़कों की मरम्मत करने का नया झांसा दिया है, जबकि राजधानी में पिछले कुछ सालों से सड़कों के निर्माण का अधिकतर कार्य केंद्र सरकार ही कर रही है। ब्यूरो