Delhi Water Bill: केजरीवाल सरकार ला रही 'वन टाइम वाटर बिल सेटलमेंट योजना', सीएम बोले- मैं जल्द ही ठीक कराऊंगा
दिल्ली में पानी के मोटे बिलों की समस्या से परेशान लोगों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। दिल्ली सरकार जल्द ही वन टाइम वाटर बिल सेटलमेंट योजना लेकर आ रही है।
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राजधानी में बढ़े हुए पानी के बिल पाने वाले 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जल्द वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने के निर्देश दिए हैं। इसकी मदद से लोग एक बार में रीकॉस्ट बिल जमाकर पुराने बिल को समायोजित करा पाएंगे। योजना को कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद करीब 40 फीसदी उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि रीकास्टिंग की पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक और तर्कसंगत तरीके से की जाएगी। यदि उपभोक्ता रीकास्टिंग राशि का भुगतान करता है तो पूरा बकाया समायोजित कर दिया जाएगा। मसलन, यदि किसी उपभोक्ता को एक लाख रुपये का बढ़ा हुआ बिल मिला है और उसके उपभोग पैटर्न के आधार पर बिल को फिर से 7000 रुपये कर दिया जाता है, तो उपभोक्ता को केवल 7000 की एकमुश्त राशि का भुगतान करना होगा। यदि वह भुगतान कर देगा तो पूरी रकम समायोजित कर दी जाएगी। अगले बिलिंग चक्र से उसे नया बिल मिलेगा। यदि वह रीकास्टिंग राशि का भुगतान नहीं करेगा, तो उसे पूरे एक लाख रुपये का भुगतान करना होगा।
जिस जिसके Paani के Bill बढ़कर आ रहे हैं, वो Bill pay मत करना, मैं जल्द ही ठीक कराऊंगा।
पानी के Bill गड़बड़ आ रहे हैं लोगों के, मैं जानता हूं। चिंता मत करना।
—CM @ArvindKejriwal pic.twitter.com/XlZ0u4FUAT
— AAP (@AamAadmiParty) February 9, 2024
जल बोर्ड पोर्टल पर दस हजार से अधिक शिकायतें आईं
भारद्वाज ने बताया कि सरकार को बढ़े हुए पानी के बिलों की काफी सारी शिकायतें मिल रही हैं। इससे कई उपभोक्ताओं ने पानी के बिल का भुगतान करना ही बंद कर दिया है। कई लोगों को मुफ्त जल योजना को स्वतः लागू होने और पिछली योजना के तहत बकाया राशि की 100 फीसदी छूट के बारे में गलतफहमी थी। पानी मीटर रीडरों के रीडिंग गलत पंच करने की भी कई शिकायतें मिली हैं।इसके अलावा कोविड के दौरान लॉकडाउन के कारण मीटर रीडिंग भौतिक रूप से नहीं की जा सकी, इसलिए पानी के मीटरों की भौतिक रीडिंग के अभाव में बिल औसत रीडिंग (अर्थात प्रति माह 25 किलोलीटर उपयोग) के आधार पर बनाए जा रहे थे। पिछले बकाया और वर्तमान बिलों में जोड़ा गया विलंबित भुगतान अधिभार (एलपीएससी) अधिक पानी बिलों के मुख्य कारणों में से एक था। इसके परिणामस्वरूप अक्तूबर-नवंबर 2022 के दौरान दिल्ली जल बोर्ड पोर्टल पर दस हजार से अधिक शिकायतें आईं। इन सबके परिणामस्वरूप पानी के बिल गलत हो गए हैं और कई उपभोक्ताओं ने अपने पानी के बिल का भुगतान करना बंद कर दिया है।
चालू मीटर लगाना जरूरी हो जाएगा
जल मंत्री आतिशी ने बताया कि योजना उन सभी उपभोक्ताओं को जल बोर्ड के अंदर लाने में मददगार साबित होगी जिनके पानी के मीटर खराब हैं। वर्तमान में कई उपभोक्ता अपने खराब मीटर को ठीक कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को चालू मीटर लगाना जरूरी हो जाएगा। जिनके मीटर खराब हैं उन्हें मीटर बदलवाने होंगे। यह योजना दिल्ली जल बोर्ड ने मंजूर कर दी है।