AAP में फिर कलह, दिलीप पांडे ने विश्वास से पूछा- BJP के खिलाफ क्यों नहीं बोलते?
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पंजाब चुनाव के दौरान जिन नीतियों पर चलकर आम आदमी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा था उन्हें राजस्थान में लागू ना करने को लेकर अब कुमार विश्वास एक बार फिर पार्टी में अलग-थलग पड़ गए हैं। इस मामले में दीलिप पांडे का ताजा ट्वीट आप के नए कलह की ओर संकेत कर रहा है।
दरअसल कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के राजस्थान प्रभारी हैं और उन्होंने प्रदेश के आगामी चुनाव को लेकर अपना एजेंडा पेश किया है। इसमें एक बिंदु है कि पार्टी सत्ता पक्ष पर प्रहार किए बिना अपना चुनावी अभियान चलाएगी।
इसी के साथ कुमार विश्वास ने अपने हाल के एक इंटरव्यू में साफ किया कि वो पार्टी के लिए काम करते हैं और किसी से रिश्तेदारी निभाने नहीं आए हैं। न्यूज चैनल एनडीटीवी से बात करते हुए विश्वास ने कहा कि जो भी व्यक्ति आम आदमी पार्टी से जुड़ा हुआ है वो पार्टी के कॉमन कॉज के लिए काम कर रहा है। विश्वास ने कहा कि वो केजरीवाल के छोटे भाई नहीं है।
इसी के बाद आप नेता दिलीप पांडे ने उन पर ट्विटर पर हमला बोलते हुए पूछा है, 'भैया, आप कांग्रेसियों को ख़ूब गाली देते हो, पर कहते हो कि राजस्थान में वसुंधरा के ख़िलाफ़ नहीं बोलेंगे? ऐसा क्यों?'
भैया, आप कांग्रेसियों को ख़ूब गाली देते हो, पर कहते हो कि राजस्थान में वसुंधरा के ख़िलाफ़ नहीं बोलेंगे? ऐसा क्यों?🤔https://t.co/jKGz3IHded
— Dilip K. Pandey (@dilipkpandey) June 14, 2017
क्या बोले विश्वास
केजरीवाल ने अप्रैल के अंत में कुमार विश्वास के पार्टी छोड़ने की अटकलों को विराम देने के लिए उनको छोटे भाई कहकर ट्वीट भी किया था। इसको बाद में विश्वास ने भी अपने अकाउंट से रि-ट्वीट किया है।
विश्वास ने चैनल से कहा कि वो फिलहाल वो राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हैं, जिसकी जिम्मेदारी पार्टी ने उनको सौंपी है। गौरतलब है कि राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
कपिल मिश्रा से किया किनारा
विश्वास ने आप से निकाले गए दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा का साथ देने पर सफाई देते हुए कहा कि मेरा उनसे किसी प्रकार का कोई नाता नहीं है, जो भी उन्होंने कहा कि वो काफी शर्मनाक है। हालांकि दिल्ली में आप नेताओं के बीच चर्चा है कि विश्वास पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। दिल्ली में आप नेताओं का कहना है कि विश्वास कई बार इस तरह की बातें पार्टी और केजरीवाल के खिलाफ में कह चुकें हैं, जिनसे कई बार पार्टी नेताओं को शर्मिंदा होना पड़ा है।