दावा: ‘आप’ ने रचा इतिहास, सबसे लंबा शीत सत्र
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आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक नया इतिहास रचा है। अभी तक के शीतकालीन सत्र का सबसे लंबा सत्र होने का दावा विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने किया। 14 दिनों में कुल 43 घंटा 30 मिनट तक सदन चला, जिसमें पंद्रह विधेयक पेश और पारित हुए। हालांकि इसके पूर्व 2005 में बजट सत्र 15 दिनों तक चला था।
विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने शनिवार को शीतकालीन सत्र समाप्त होने का लेखा-जोखा पेश किया। गोयल ने बताया कि व्यवधान के बावजूद पांच घंटे अधिक कार्यवाही संचालित की गई।
यह सदन अपने आप में उल्लेखनीय था क्योंकि सदन में 47 प्रश्न पूछे गए और उन पर 98 पूरक प्रश्न पूछे गए। नियम 280 के 96 मामले उठाए गए, दो अल्पकालिक चर्चाएं हुई, 15 विधेयक पेश हुए व पारित हुए।
पांच ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए
पांच ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। कुल 253 प्रश्नों की सूचना प्राप्त हुई जिनमें से 116 तारांकित प्रश्न और 104 अतारांकित प्रश्नों को स्वीकार किया गया।
सदन में 244 सूचनाएं नियम 280 में प्राप्त हुए इनमें से 96 मामलों को सदस्यों ने सदन में उठाया। सदन में 47 तारांकित प्रश्नों को सदस्यों ने पूछा, उनपर 98 पूरक प्रश्न पूछे गए।
उन्होंने कहा कि कुछ विभागों ने विधानसभा के प्रश्नों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई थी और समय पर उत्तर सचिवालय को नहीं भेजा था। इस विषय को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया गया है।
मंत्रियों ने अपने विभागों से संबंधित 19 अधिसूचना व प्रतिवेदनों की प्रतियां सदन पटल पर रखीं, जिनमें चौथे दिल्ली वित्त आयोग का प्रतिवेदन भी शामिल था।