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Delhi: 'बच्चों की शिक्षा बाधित, घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ी', पूर्व बस मार्शलों ने लिखा AAP-भाजपा को पत्र

Thu, 03 Oct 2024 08:29 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 03 Oct 2024 08:29 AM IST
सार

दिल्ली सिविल डिफेंस कर्मियों ने दावा किया कि लगभग 10 हजार कर्मी एक वर्ष से अत्यधिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। एक आदेश के तहत अचानक उनकी तनख्वाह बंद कर दी गई। इसके बाद नौकरी से हटा दिया गया। यह निर्णय उनके परिवारों के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुआ।

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Civil defense personnel submitted four-point demand letter for reinstatement
वीरेंद्र सचदेवा और आतिशी - फोटो : एएनआई

विस्तार

नौकरी की बहाली की मांग को लेकर दिल्ली सिविल डिफेंस कर्मियों ने मंगलवार को दिल्ली सरकार, आप और भाजपा को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा। कर्मियों का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष ने तीन अक्तूबर को उपराज्यपाल से मिलकर नौकरी बहाल कराने का आश्वासन दिया है।

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बुधवार को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में प्रेसवार्ता कर दिल्ली सिविल डिफेंस कर्मियों ने यह जानकारी साझा की। अनिल कपूर, मुकेश पाल सिंह समेत अन्य ने दावा किया कि लगभग 10 हजार कर्मी एक वर्ष से अत्यधिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। एक आदेश के तहत अचानक उनकी तनख्वाह बंद कर दी गई। इसके बाद नौकरी से हटा दिया गया। यह निर्णय उनके परिवारों के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुआ। उनके पास जीवनयापन का कोई साधन नहीं है। तय समय के अनुसार दिल्ली सरकार के मंत्री, आप और भाजपा के नेता उपराज्यपाल से मिलें। मंत्री या अधिकारी को फाइल पर जहां भी हस्ताक्षर की जरूरत है, वह करवाकर ही उठें। बैठक में उनके प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए, ताकि वह पक्ष को मजबूती से रख सके। वे एक साल से दोनों पार्टियों के संपर्क में हैं। अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। विधानसभा में दो बार प्रस्ताव पारित होने के बाद भी उन्हें बहाल नहीं किया गया। बच्चों की शिक्षा बाधित हो गई है। घर की आर्थिक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है।
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बस मार्शलों के साथ खड़ी है भाजपा : सचदेवा
प्रदेश भाजपा ने बस मार्शलों का हर कदम पर साथ देने की घोषणा करते हुए आप नेताओं पर बर्खास्त बस मार्शलों और संविदा कर्मचारियों के साथ राजनीति करने का आरोप लगाया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने बिना प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन किए कर्मचारियों को संविदा पर रखा और जब कानूनी अड़चनें आईं तो असहाय छोड़ दिया। केजरीवाल ने 11 अक्तूबर, 23 को बस मार्शलों की बर्खास्तगी के लिए नोट लिखा था। भाजपा जल्द ही सत्ता में आएगी और सभी संविदा कर्मचारियों को न्याय दिलाएगी। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि आप बस मार्शलों को गुमराह कर रही है। केजरीवाल ने 11 अक्तूबर 2023 को उन्हें हटाने के आदेश जारी किया, लेकिन सदन से भी यह जानकारी छुपाई गई।

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उपराज्यपाल के पास जाएगी आप
दिल्ली सरकार के मंत्री और आप विधायक बस मार्शलों की बहाली को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना से बृहस्पतिवार को मिलने जाएंगे। आप ने उम्मीद जताई है कि इस बार भाजपा वादाखिलाफी नहीं करेगी। वह बस मार्शलों को बहाल करवाने के लिए एलजी के पास जरूर जाएगी। 

आप का कहना है कि इसके लिए जहां भी हस्ताक्षर करना होगा करेंगे। आप नेताओं ने कहा कि इससे पहले भी दिल्ली सरकार भाजपा के साथ बस मार्शलों को लेकर एलजी के पास जाने को तैयार थी, लेकिन, भाजपा ने यू-टर्न मार लिया था। 

दिल्ली सिविल डिफेंस वालेंटियर्स की नौकरी बहाली के संबंध में विधायक दिलीप पांडे और कुलदीप कुमार ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता की। पांडे ने दावा किया कि बस मार्शलों की बहाली के लिए 24 फरवरी को विधानसभा में प्रस्ताव पास किया गया था। ये लोग बस मार्शलों को बरगलाते रहे हैं। उन्होंने जो भी कमियां बताईं, दिल्ली सरकार ने पूरा किया। वहीं, विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि 2015 में दिल्ली सरकार ने डीटीसी बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बस मार्शलों को तैनात किया था। बस मार्शल पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ बसों में महिलाओं की सुरक्षा कर रहे थे। वर्ष 2023 में एलजी ने एक आदेश पारित कर उन्हें नौकरी से निकाल दिया।

इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि डीटीसी बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन हैं, इसलिए अब इनकी जरूरत नहीं है। 10 हजार से अधिक बस मार्शल को लगभग एक साल से तनख्वाह नहीं मिल रही है। आप और दिल्ली सरकार लगातार बस मार्शलों की बहाली की मांग कर रही है।

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