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सिटी टैक्सियों पर दिल्ली सरकार सख्त, ज्यादा किराया वसूलने पर रद्द होगा परमिट 

Thu, 12 May 2016 12:49 AM IST
बृजेश सिंह /अमर उजाला, नई दिल्ली
बृजेश सिंह /अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 12 May 2016 12:49 AM IST
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City taxis strict government, will permit more rent-seeking cancellation
टैक्सियों की मनमानी पर सख्ती

सरकार की ओर से निर्धारित किराये से ज्यादा वसूलने वाली सिटी टैक्सी का परमिट अब तीन माह के लिए निलंबित होगा। राजधानी में ओला, उबर जैसी कंपनियों की ओर से सर्ज प्राइसिंग के नाम पर ज्यादा किराया लेने की शिकायतें बढ़ने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।

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परिवहन विभाग की इंफोर्समेंट टीम को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं। परिवहन विभाग के सूत्रों की माने तो यह पहला मौका होगा जबकि निर्धारित किराये से ज्यादा वसूलने वालों का परमिट निलंबित होगा।
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उसके परमिटधारी को ज्यादा किराया वसूलने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनका परमिट निलंबित क्यों ना किया जाए, इस संबंध में जवाब देना होगा। वाजिब जवाब नहीं देने पर पहले अपराध पर उसका लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जाएगा। ज्यादा किराया लेते हुए अगर वह दोबारा पकड़ा गया तो उसका परमिट भी रद्द किया जा सकता है।
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दिल्ली सरकार ने यह फैसला ओला, उबर की ओर से ऑड इवन खत्म होने के बाद भी लगातार ज्यादा किराया वसूलने के बाद लिया गया है। सरकार की चेतावनी के बाद भी मोबाइल ऐप बेस्ड कंपनियां यात्रियों से सर्ज प्राइसिंग के नाम पर ज्यादा किराया वसूल रही है। ज्यादा किराया लेने के मामले में परिवहन विभाग की हेल्पालइन नंबर पर बीते दस दिनों में हजारों कॉल मिल चुकी है।

खुद बनाते है सर्ज प्राइसिंग की स्थिति

City taxis strict government, will permit more rent-seeking cancellation
टैक्सी - फोटो : amar ujala

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकाकी के मुताबिक ओला, उबर कंपनियां खुद सर्ज प्राइसिंग के लिए स्थिति क्रिएट करते है। उनकी माने तो उबर कंपनी ने दिल्ली में 20 जोन बनाए है, जहां टैक्सी की सबसे ज्यादा बुकिंग होती है।

वह अपने चालकों को उस इलाके में मौजूद होने के बाद भी ऑफलाइन दिखाते है। जैसे ही डिमांड बढ़ती है तो वह पहले सर्ज प्राइसिंग (डिमांड के आधार पर किराया बढ़ा देते है) करते है। फिर अपने सभी चालकों को मोबाइल ऑन कर देते है। दूसरा कारण कंपनियां जहां टैक्सी कम होती है वहां ज्यादा टैक्सी भेजनी है तो वह सर्ज प्राइसिंग की मदद लेते है। 

फैक्ट फाइल
543 वाहन जब्त हुए ज्यादा किराया लेने पर। 
410 वाहन दिल्ली परिवहन विभाग का परमिट है। 
133 एनसीआर के राज्यों वाले टैक्सी परमिटधारी है। 

सरकार की ओर से तय किराया
परमिट                                  किराया (रुपये प्रति किलोमीटर)
काली पीली टैक्सी नॉन एसी   14.00
कालीपीली टैक्सी एसी कैब     16.00
रेडियो टैक्सी                         23.00
नाइट चार्ज                            कुल किराये का 25 फीसदी

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