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हंटर पर नहीं नाचेंगे, ये बेजुबान

Wed, 26 Nov 2014 05:30 PM IST
Updated Wed, 26 Nov 2014 05:30 PM IST
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Circus elephant not dance on Hunter

दिल्ली के सर्कस से एक वाइल्डलाइफ एसओएस नाम का एनजीओ जल्द ही हाथियों से सम्बन्धित करतबों को हटाने जा रहा है। संस्था भारतीय सर्कसों में निर्दयतापूर्ण कराये जा रहे हाथियों के करतब को पूरी तरह से बंद करा देना चाहती है। सरकार के सहयोग से संस्था ने पूरे भारत में 67 हाथियों को बचाने का निश्चय किया है।

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इस मुहिम की शुरुआत एनजीओ मादा हथिनी 'सूजी' को बचाकर करने जा रही है, जिसको फिलहाल चिकित्सकीय सुविधाओं की सबसे ज्यादा जरुरत है। उसकी हालत को दरकिनार करते हुए इस वक्त भी उससे सर्कस में करतब करवाए जा रहे हैं, जो कि पशुओं के अधिकार का हनन है।
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एनजीओ के सदस्य कहते हैं कि सूजी अंधी है, इसके बावजूद उसे एक ऐसी जगह रहने को मजबूर किया जाता है जो बेहद गंदी है, जिसमें गोबर और पेशाब भरा रहता है। उसके दांतों की हालत बेहत खराब हो चुकी है। उसे ऐसा खाना दिया जा रहा है जो उसके लिए पचा पाना मुश्किल है।
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वाइल्डलाइफ एसओएस की संस्थापक गीता शेशमानी कहती हैं कि उन्हें सूजी की हालत देखकर हैरानी होती है कि उसे किस तरह से इस हालात में सर्कस में रखा जा रहा है।

क्या है हाथियों को बचाने का प्रोजेक्ट

Circus elephant not dance on Hunter

पहले चरण के लिए एनजीओ के सदस्यों ने फिलहाल 17 ऐसे सर्कसों को चिह्नित कर लिया है जिनसे हाथियों को बचाने ये मिशन पूरा किया जाना है। जुलाई 2014 में वाइल्डलाइफ एसओएस ने राजू नाम के हाथी को बचाया था, जिसके साथ निर्दयतापूर्वक व्यवहार किया जा रहा था और उसे नुकीली जंजीरों में बांधकर रखा जाता था।

एनजीओ हाथियों को बचाने वाली योजना के पहले चरण में हाथियों की सुरक्षा के लिए, उनके पुनर्वास, ट्रांसपोर्ट, उनकी चिकित्सा के लिए पैसा जुटाने की मुहिम भी शुरु करने जा रहा है। सेशमानी आगे कहती हैं कि जानवरों से प्यार करने वाले लोग, जो देश विदेश कहीं भी हैं उनके साथ ही सरकार के सहयोग से सूजी जैसे कई और हाथियों 2015 में सर्कस की निर्दयतापूर्ण जिंदगी से बचाया जाएगा।

एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया उन सर्कसों को नोटिस भी जारी कर चुका है, जहां हाथियों को मिल रही सुविधाओं में कमी की जा रही है। फिर भी सर्कस बोर्ड द्वारा जारी किये गये नियमो का सही तरह से पालन नहीं कर रहे हैं। बोर्ड के अधिकारी के मुताबिक हाथियों से सर्कस में किये जा रहे इस तरह के बर्ताव को प्रतिबंधित करने के बावजूद इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, जहां हाथियों को नुकीली जंजीरों में, गंदी जगहों पर रखा जाता है।

मुहिम चलाने वाले एक और व्यक्ति कहते हैं कि हाथियों के चारों पैरों में जंजीरें डालकर रखा जाता है। सर्कसों में इनके रहने के लिए इतनी बदबूदार, गंदी और छोटी जगहें हैं जहां इन बेजुबानों की जिंदगी नरकीय बनी हुई है।

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