दिल्ली: फिर बढ़े सर्किल रेट, महंगा हुआ घर का सपना
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दिल्ली सरकार के खाते में जमीन की कीमतें दिन दोगुनी-रात चौगुनी बढ़ रही हैं। महज साढ़े तीन साल में पौने दोगुना से नौ गुना तक सर्किल रेट बढ़ गए हैं। सर्किल रेट बढ़ने से रजिस्ट्रेशन चार्ज की राशि एक फीसदी खुद बढ़ जाती है। बिना रजिस्ट्री मकान खरीदने वालों को अब रजिस्ट्री के लिए मोटी रकम चुकानी होगी।
‘ए’ श्रेणी की कॉलोनी में 100 वर्ग मीटर का प्लॉट की रजिस्ट्री पुरुष के नाम खरीदने पर जहां फरवरी, 2011 में 5.16 लाख रुपये चुकाने होते थे, अब उसे 46.44 लाख देने पड़ेंगे। महिला के नाम रजिस्ट्री कराते हैं तो 3.44 लाख की जगह 30.96 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी देनी होगी।
इसी तरह सबसे सस्ती श्रेणी ‘एच’ में पुरुष के नाम रजिस्ट्री पर जहां 82.8 हजार चुकाने होते थे, अब उस पर 1,39,680 रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। वहीं महिला के नाम है तो 55.2 हजार की जगह 93,120 रुपये स्टांप ड्यूटी देनी पड़ेगी।
राष्ट्रपति शासन में मामला अटका
सर्किल रेट की नई दरों में यह भी साफ किया गया है कि डीडीए कॉलोनी, सहकारी, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी की दरें भी उसी प्रतिशत के हिसाब से बढ़ी हैं।
30 वर्ग मीटर तक के फ्लैट पर प्रति वर्ग मीटर 50.4 हजार रुपये और 100 वर्ग मीटर से ऊपर के फ्लैट्स पर प्रति वर्ग मीटर 63.5 हजार रुपये रखी गई है। चार मंजिला से ऊपर के फ्लैट्स हैं तो 73.2 हजार रुपये चुकाने होंगे।
चुनाव व राष्ट्रपति शासन ने महंगी रजिस्ट्री से एक साल बचाया
सरकार ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने चुनाव को देखते हुए प्रस्ताव टाल दिया था। ‘आप’ की सरकार आई तो प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया।
केजरीवाल ने सरकार छोड़ी तो राष्ट्रपति शासन में मामला अटक गया। इस बीच राजस्व विभाग ने प्रस्ताव में लुटियंस जोन के लिए नई श्रेणी प्रस्तावित कर दी। जिस पर वित्त विभाग ने आपत्ति लगाई।
मामला लटकता रहा और राजस्व वसूली में भारी गिरावट आई। यही वजह है कि विवाद टालकर राजस्व विभाग ने सर्किल रेट में एक समान 20 फीसदी की वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी।