SIT की मांग पड़ा ईसाई समुदाय
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दिल्ली जीटीबी एंक्लेव में चर्च में आग वाली घटना को लेकर ईसाई समुदाय खासा नाराज है। सोमवार शाम को इलाके में कैंडल मार्च निकालने के बाद मंगलवार सुबह लोगों ने पुलिस मुख्यालय का घेराव किया। करीब 9.00 बजे लोग पुलिस मुख्यालय के बाहर इकट्ठा होने लगे।
वी वांट जस्टिस के नारे लगाते हुए यह लोग पुलिस आयुक्त को बुलाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन में सभी बिशप (सीएनआई, ऑर्थोडोक्स, लेटिन, मलनकरा, सिस्टर्स) ने भाग लिया। धीरे-धीरे पूरी राजधानी से इसाई समुदाय के लोग प्रदर्शन में पहुंचने लगे। प्रदर्शन के दौरान सीमापुरी जिले के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के अलावा प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह भी पहुंचे।
घटना से नाराज हुए लोगों ने आईटीओ चौक को पूरी तरह ठप कर दिया। फादर एंथनी फ्रांसेस ने बताया कि सभी लोग दिल्ली पुलिस आयुक्त को मुख्यालय के बाहर बुलाकर अपनी मांगे रखना चाह रहे थे, लेकिन वह नहीं आए। इसके बाद लोगों ने शोरशराबा और नारेबाजी शुरू कर दी।
दोपहर करीब 12.00 बजे बीएस बस्सी समुदाय के लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) से जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद ही लोगों ने जाम को खोला। देर शाम को एसआईटी का गठन भी कर दिया गया। इस बीच सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जले हुए चर्च का पुनर्निर्माण वह कराएंगे।
दिन भर लगा रहा तांता
मंगलवार को दिन भर जीटीबी एंक्लेव के चर्च पर लोगों का तांता लगा रहा। अंतराष्ट्रीय मीडिया भी कवरेज के लिए पहुंचा। लोगों ने वारदात को अंजाम देने वाले शख्स को सद्बुद्धि देने की दुआ की। फादर फ्रांसेस ने बताया कि फिलहाल अस्थाई रूप से चर्च को ताहिरपुर की एक इमारत में शिफ्ट कर दिया गया है।
उसकी सूचना भी लोगों को दे दी गई है। जीटीबी एंक्लेव आरडब्ल्यूए पदाधिकारी साजी इब्राहिम ने बताया कि पूरे इलाके में करीब 300 इसाई परिवार है। लोग शांति पूर्वक अपनी इबादत करते हैं।
एक अन्य निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तीन-चार साल पहले कुछ लोगों ने चर्च पर पथराव कर दिया था। उसकी शिकायत भी थाने में की गई थी। तभी से इन लोगों को इलाके में चर्च का होना पसंद नहीं था।
ऐसे होगी मामले की जांच
प्रधानमंत्री को पत्र लिखा
आर्च ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। आर्चबिशप कार्यालय से मिली सूचना के आधार पर सोमवार को बिशप की ओर से पत्र लिख दिया गया था। मंगलवार शाम को राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर पी.जेे कुरियन पहुंचे। उन्होंने लोगों से मामले की जांच कराने की बात की। इधर चर्च में आग की घटना के बाद से राजधानी के सभी चर्च की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हादसे वाले चर्च की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की एक कंपनी को तैनात किया गया है।
एसआईटी करेगी जांच
जीटीबी एंक्लेव चर्च में आग के मामले की जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी को सौंप दी गई है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें खुद सीपी इसकी निगरानी करेंगे। अधिकारी के मुताबिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव व उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आरए संजीव की देखरेख में टीम आग के पीछे की असली कहानी का पता लगाने का प्रयास करेंगे।
सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने अपना काम भी शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक राजधानी के सभी चर्चों के आसपास पीसीआर वैन व पुलिसकर्मियों की मूवमेंट को भी बढ़ाने का आदेश दिया गया है।
सीढ़ियों पर मिली केरोसिन की बोतल, साजिश के संकेत
सोमवार सुबह छानबीन के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अलावा सेना के भी कुछ लोग पहुंचे। इन लोगों ने चर्च से सैंपल उठाए। चर्च के फादर, एंथनी फ्रांसेस ने बताया कि मंगलवार को जांच करने आई पुलिस की टीम को दूसरी मंजिल की सीढ़ियों से एक केरोसिन की बोतल मिली है। फादर ने आशंका जाहिर की है कि आग लगाने वाले लोगों ने इसी बोतल का इस्तेमाल किया है।
चर्च के दूसरे फादर कुरु विला ने बताया कि बहुत सोची समझी साजिश के तहत आग लगाई गई है। सोमवार को जब चर्च में आग बुझाने के लिए दमकल वालों ने पानी डाला था तो पानी के साथ तेल भी बहकर आ रहा था। फादर के मुताबिक, दमकल कर्मियों का कहना था कि पानी के साथ आए तेल का इस्तेमाल आग लगाने के लिए किया गया था।
वहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने मंगलवार को अलग-अलग शिफ्ट में रहने वाले चर्च के तीन गार्ड पीटर, विलियम और रॉबर्ट से पूछताछ की। तीनों ही गार्ड की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस ने चर्च के आसपास रहने वाले करीब 50 लोगों से इस संबंध में पूछताछ की है।
मामले पर उत्तर-पूर्वी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आरएस सागर ने बताया कि फायर, एफएसएल व अन्य जांच एजेंसियों ने घटना स्थल से सैंपल लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।