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यातना दे कर धर्म परिवर्तन कराने वाले शेल्टर होम का भंडाफोड़

Sat, 09 Jan 2016 09:23 AM IST
Updated Sat, 09 Jan 2016 09:23 AM IST
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children freed from shelter home tells horrible story of forced conversion

ग्रेटर नोएडा में गरीब बच्चों को बंधक बनाकर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराने का बेहद संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है।  बच्चों को जबरन बाइबिल याद करने के लिए कहा जाता था और ऐसा न करने पर बच्चों को अमानवीय यातनाएं देने की बात भी सामने आई है।

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मालूम हो कि 29 दिसंबर को 7 बच्चे ग्रेटर नोएडा के सरस्वती कुंज, तिगरी गांव में अवैध रूप से चल रहे इमैनुअल सेवा ग्रुप नाम के शेल्टर होम से मुक्त कराए गए थे। इसकी शिकायत यहां रहने वाले दो बच्चों की मां ने चाइल्ड लाइन को की थी।
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शिकायत करने वाली महिला ने बताया कि जोशुआ नाम के व्यक्ति ने उसे ये लालच दिया था कि इस ग्रुप में उसके बच्चों को अच्छी सुविधाएं दी जाएंगी और आईएएस अधिकारी बनने के लिए जरूरी मदद भी की जाएंगी।

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बच्चों के रहने वाला कमरा था कचरे से भरा

children freed from shelter home tells horrible story of forced conversion

पु्लिस ने चाइल्ड लाइन के साथ मिलकर कार्रवाई की थी जिसमें, यहां से बरामद 12 साल से अधिक उम्र की चार लड़कियों को फिल्हाल यहां से दूसरे एनजीओ में शिफ्ट कर दिया गया है।

जुवेनाइल एक्ट के अंतर्गत बिसरख थाने में चाइल्ड लाइन की ओर से मामला दर्ज कराया गया है। 29 दिसंबर, रात 9 बजे पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम ने शेल्टर होम में छापा मारा इस दौरान 14 साल तक के 7 बच्चे बरामद किए गए।

जांच में जो बातें सामने आईं वो किसी विचलित कर सकती हैं। इस शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों का रहन-सहन बेहद ही खराब मिला। उनके रहने के लिए दो कमरे थे जो बेहद गंदे थे। कमरों में कचरा भरा हुआ था।

खाने की चीजों में थे चूहे

children freed from shelter home tells horrible story of forced conversion

इसके अलावा किचन में भी गंदगी फैली थी। खाने का सामान खुला था। उन्हें चूहे खा रहे थे और कुछ चीजों में तो कॉकरोच भी पाए गए थे। बॉथरूम में बड़ा गड्ढा था।

मौके पर दो केयरटेकर भी मिले, जिसमें पिंकी थी जो खाना बनाती थी। इसके अलावा भोला जगह-जगह पर जाकर बच्चों के नाम पर कपड़े और रुपये जमा करता था।

पुलिस ने जब दोनों से पूछताछ कि तो बच्चों के घर और उन्हें कहां से लाया गया है इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसी तरह मेरठ में भी शेल्टर होम संचालित होने की बात कही।

जब सिखाई जाती थी ईशु की प्रार्थना

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बताए गए स्थान पर पुलिस की मदद से छापा मारा गया तो वहां से भी 6 से 16 साल तक के 23 बच्चे (14 लड़कियां, 9 लड़के) बरामद किए गए।

ईशु की प्रार्थना न करने पर बच्चों की पिटाई भी होती थी। बच्चों ने बताया कि जबरन सभी से एक प्रार्थना कराई जाती थी। मना करने पर बच्चे की बेरहमी से पिटाई की जाती थी। तीन साल से उनके माता-पिता से मिलने नहीं दिया गया है।

शिकायत करने वाली महिला ने ये भी बताया कि वो लोग उन्हें ईसाई धर्म से जुड़े पर्चे और बाइबिल की कॉपी ट्रेन और दूसरे इलाकों में बांटने के लिए कहते और बदले में एक पैसा भी नहीं देते थे।

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