Delhi: एक किडनी के साथ पैदा हुआ नौ साल का सलीम दो बच्चों को दे गया जीवन, पांचवें बच्चे ने किया अंगदान
दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने एक बच्चे के ब्रेन को डेड घोषित कर दिया। इसके बाद उसके माता पिता ने ऑर्गन डोनेशन का फैसला लिया।
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आपने एक बात तो जरूर सुनी होगी... अंगदान महादान। मतलब आप दुनिया से जाते समय किसी दूसरे को जीवन दान दे जाते हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला दिल्ली एम्स में सामने आया है। जहां एक 9 साल के बच्चे ने अपना अंगदान कर दिया। बाइक हादसे के बाद ब्रेन डेड हो गया था। वहीं इससे पहले बीते साल रोली प्रजापति नाम की एक लड़की की गोली लगने से नोएडा में मौत हो गई थी। दिल्ली एम्स में इन बच्चों के द्वारा अंगदान किए गए। यह 5वां ऑर्गन डोनेशन है।
5 बच्चों समेत 19 ने किया है ऑर्गन डोनेशन
एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली एम्स के ट्रामा सेंटर में बीते साल अप्रैल 2022 में 19 ने ऑर्गन डोनेशन किया था। जिसमें 5 बच्चों ने ऑर्गन डोनेशन किया। यह बच्चे बहुत ही विशेष समूह से हैं। एम्स ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान एक बच्चे ने अलविदा कहने के बाद दो मासूम बच्चों को जीवनदान दे दिया। माता पिता ने बेटे को खोने के बाद उसके अंग को दान करने का फैसला लिया। ताकी दूसरे के बच्चों को जीवनदान मिल सके।
मेवात के रहने वाले सलीम ने दी जिंदगी
हरियाणा के मेवात के रहने वाले सलीम को सड़क पार करने के दौरान एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी थी। जिसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। सिर में चोट लगने की वजह से कोमा में चला गया था। बीती 16 अप्रैल को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों की टीम ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
जानकारी के लिए बता दें कि देश में बड़ी संख्या में कई बच्चे किडनी, लीवर और हर्ट की बीमारी से पीड़ित हैं, जो अंतिम स्टेज पर हैं। संयोग से 6 साल के मास्टर एस का जन्म एक किडनी के साथ हुआ था। एम्स में एक किडनी दूसरे बच्चे को ट्रांसप्लांट की गई थी। वहीं लीवर भी दूसरे बच्चे को ट्रांसप्लांट किया जाएगा। इसके अलावा आंखें किसी जरूरतमंद मरीज को लगाई जाएंगी।
47 साल के एक शख्स ने भी किया अंगदान, चार को मिला जीवनदान
दिल्ली एम्स में बीते साल एक 6 वर्षीय रोली प्रजापति ने भी ऑर्गन डोनेशन किया था। रोली सबसे कम उम्र की डोनर थी। जिसकी सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी। बीते एक साल में हादसों का शिकार हुए 5 बच्चों ने ऑर्गन डोनेशन किया। वहीं एक मामला 47 साल के व्यक्ति का आया है। जिन्होंने अपना दिल, लिवर, किडनी और कॉर्निया दान किया। जिससे 4 लोगों को जीवनदान मिला।
एम्स में पांचवें बच्चे ने किया अंगदान
अप्रैल 2022 से अभी तक अंगदान करने वाले सलीम पांचवें बच्चे हैं। एम्स ट्रामा में एक साल में 19 अंगदान हुए हैं। सलीम के मामले में राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन ने हृदय और फेफड़े को प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त नहीं पाया। फैकल्टी इंचार्ज ऑर्गन प्रोक्योरमेंट टीम (ऑप्ट), एम्स ट्रॉमा सेंटर व न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि कई लोगों में सबसे बड़ा मिथक यह है कि अंगदान केवल 18-60 वर्ष के बीच ही किया जा सकता है, जबकि ब्रेन डेड के बाद किसी भी उम्र में अंगदान किया जा सकता है।
अंगदान को बढ़ावा देने के लिए 51 डॉक्टर प्रशिक्षित
एम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग ने हाल ही में तीन दिवसीय ट्रांसप्लांट प्रोक्योरमेंट मैनेजमेंट (टीपीएम) कोर्स आयोजित किया, जिसमें बाल चिकित्सा दाता प्रबंधन की जटिलताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कोर्स में विभिन्न एम्स और देश के अन्य हिस्सों के कुल 51 वरिष्ठ डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया था। देश में बहुत कम केंद्र वर्तमान में बच्चों से अंगदान कर रहे हैं।