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सीएम के एम्मार-एमजीएफ को निर्देश, निवेशकों को मुआवजा दे बिल्डर
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:57 AM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
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दो बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट में अनियमितता पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसमें एम्मार-एमजीएफ और एएन बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल है।
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सीएम ने कार्रवाई का निर्देश बृहस्पतिवार को गुडग़ांव के लघु सचिवालय में ग्रीवेंस कमेटी की मासिक बैठक में दिया। उन्होंने दो को-ऑपरेटिव सोसायटियों के पूर्व प्रबंधन समितियों के खिलाफ भी कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसमें सुनहरा अपना घर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी सेक्टर-55 व राम शांति ग्रुप हाउसिंग सोसायटी सेक्टर-52 के नाम शामिल हैं।
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बैठक में सीएम के समक्ष कुल 22 समस्याएं रखी गई थीं। जिनमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद उन्होंने ज्यादातर का समाधान मौके पर ही किया। उनके समक्ष एम्मार-एमजीएफ पॉल्म हिल्स सेक्टर-77 का मामला सबसे पहले उठाया गया। जिसमें यह बताया गया कि यह प्रोजेक्ट मार्च 2010 में लांच हुआ था।
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जिसमें 65 टॉवरों में 1100 अपार्टमेंट बनाए जाने थे। बिल्डर द्वारा 36 माह में इसके निर्माण का वादा किया गया था। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2013 के अंत तक बिल्डर द्वारा खरीददारों से लागत का 90 से 98 फीसदी प्रतिशत राशि ले ली गई। मगर अभी तक फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया गया।
बिल्डर के प्रतिनिधि ने सीएम को बताया कि 25 टावर लगभग तैयार हैं जिनमें फ्लैट इस वर्ष दिसंबर के अंत तक दे दिए जाएंगे। दलील सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नगर योजनाकार को निर्देश दिया कि इस बात की जांच करे कि यह कंस्ट्रक्शन लेट है तो बिल्डर द्वारा खरीददारों से राशि क्यों ली गई।
देरी के लिए बिल्डर-र्बायर्स एग्रीमेंट के हिसाब से खरीददारों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने ये भी कहा कि इस सोसायटी का एक खाता खुलवाया जाए जिसमें जमा होने वाली राशि अन्य टावरों के निर्माण पर खर्च की जा सके। एम्मार-एमजीएफ बिल्डर के प्रतिनिधि ने बताया कि हरियाणा में उनके 14 प्रोजेक्ट हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बिल्डर इन प्रोजेक्टों के निर्माण का शेड्यूल अधिकारियों के साथ साझा करे। सेक्टर-77 के एम्मार-एमजीएफ पाल्म हिल्स में खरीददारों द्वारा जमा करवाई गई राशि की विस्तृत सूचना भी दें।
इसी प्रकार सीएम ने द्वारका एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-103 में एएन बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे स्पायरवुड्स प्रोजेक्ट मामले में भी हुडा अधिकारियों को प्रोजेक्ट स्थल में भरे पानी की निकासी करा कर उसका खर्च बिल्डर पर डालने का निर्देश दिया।
ताकि निर्माण को नुकसान नहीं हो। साथ ही उन्होंने कहा कि इस सोसायटी के दिल्ली हाईकोर्ट चल रहे लिक्विडेशन का केस बाहर लाने का प्रयास करें। ताकि खरीददारों को राहत पहुंचाई जा सके।
इस मामले में जिला नगर योजनाकार ने बताया कि बिल्डिंग प्लॉन स्वीकृत होने से पहले ही प्री-लांच के तहत फ्लैटों की रजिस्ट्री करने के दोषी पाए जाने पर बिल्डर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट पर पिछले डेढ़ साल से निर्माण बंद है। इसके अलावा इस कंपनी के सभी निदेशक इस्तीफा दे चुके हैं।
सोसायटी के खिलाफ भी सख्ती
शहर के सेक्टर-55 स्थित प्लॉट नंबर-63 में बनी सुनहरा अपना घर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी का है। सोसायटी में 50 सदस्य हैं जबकि तत्कालीन अध्यक्ष ने 150 सदस्य बना दिए। उसके खिलाफ फ्राड का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
शहर के सेक्टर-52 स्थित राम शांति को-ऑपरेटिव हाऊसिंग सोसायटी की पूर्व प्रबंधन समिति द्वारा मग्गू को-ऑपरेटिव सोसायटी के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर नियमों से ज्यादा आवंटन करके करोड़ों रुपये का घपला किया गया। मुख्यमंत्री ने धोखाधड़ी के लिए पूर्व प्रबंधन समिति पर मामला दर्ज कराने का आदेश जारी किया है।