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वाजपेयी के नाम से देश को मिलेगा पहला राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, इस राज्य में अभी बनकर हुआ तैयार
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 18 Aug 2018 03:56 AM IST
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Atal Bihari Vajpayee
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केंद्र सरकार पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर राष्ट्रीय कैंसर संस्थान देश को समर्पित करेगी। हरियाणा के झज्जर में बनें इस संस्थान को 25 दिसंबर को अटल जयंती पर सरकार ने शुरू करने का फैसला लिया है।
पूर्व प्रधानमंत्री देश की जनता के दिलों में बसते हैं। उनका सरल जीवन और व्यवहार लोगों को हमेशा याद रहेगा। इसलिए सरकार चाहती है कि कैंसर मरीजों की सेवा के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर संस्थान शुरू होना चाहिए।
दरअसल कैंसर संस्थान को इसी वर्ष जुलाई में शुरू किया जाना था, लेकिन कुछ गतिविधियों के चलते इसमें लेटलतीफी हुई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने इसे पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के जन्मदिन पर शुरू करने का निर्णय लिया था।
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हालांकि गुरुवार को एम्स में उनका निधन हो गया, जिसके चलते अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी योजना में बदलाव किया है। जानकारी के अनुसार एम्स के कैंसर विशेषज्ञों की निगरानी में इस संस्थान को शुरू किया जा रहा है।
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पूर्व प्रधानमंत्री देश की जनता के दिलों में बसते हैं। उनका सरल जीवन और व्यवहार लोगों को हमेशा याद रहेगा। इसलिए सरकार चाहती है कि कैंसर मरीजों की सेवा के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर संस्थान शुरू होना चाहिए।
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दरअसल कैंसर संस्थान को इसी वर्ष जुलाई में शुरू किया जाना था, लेकिन कुछ गतिविधियों के चलते इसमें लेटलतीफी हुई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने इसे पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के जन्मदिन पर शुरू करने का निर्णय लिया था।
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हालांकि गुरुवार को एम्स में उनका निधन हो गया, जिसके चलते अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी योजना में बदलाव किया है। जानकारी के अनुसार एम्स के कैंसर विशेषज्ञों की निगरानी में इस संस्थान को शुरू किया जा रहा है।
यहां सभी तरह के कैंसर का उपचार, रेडियोथैरेपी जैसी चिकित्सीय सुविधाएं मिल सकेंगी। झज्जर के बाढ़सा में करीब 2035 करोड़ की लागत से इस संस्थान को 300 एकड़ भूमि पर बनाया गया है।
फिलहाल इस संस्थान के लिए डॉक्टरों से लेकर पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। एम्स के मुताबिक अगले एक से दो माह में ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार फिलहाल इसे अंतिम मंजूरी के लिए पीएमओ के पास भेजा जाएगा और 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संस्थान का उद्घाटन करेंगे।
फिलहाल इस संस्थान के लिए डॉक्टरों से लेकर पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। एम्स के मुताबिक अगले एक से दो माह में ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार फिलहाल इसे अंतिम मंजूरी के लिए पीएमओ के पास भेजा जाएगा और 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संस्थान का उद्घाटन करेंगे।
ओपीडी सबसे पहले करेंगे शुरू
कैंसर अस्पताल में मरीजों के लिए करीब 710 बिस्तरों का इंतजाम किया है, लेकिन शुरुआत में उन्हें करीब आधे बिस्तर ही उपलब्ध होंगे। उद्घाटन के बाद संस्थान में ओपीडी का ट्रायल शुरू होगा। फिर कुछ माह में संस्थान पूरी तरह से मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध होगा।
25 दिसंबर को मरीजों का इलाज शुरू हो जाने के बाद सुविधाएं धीरे-धीरे बढ़ाई जाएंगी। यह अस्पताल कैंसर के इलाज के लिए सरकारी क्षेत्र का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान होगा।
-डॉ. जीके रथ, प्रमुख, कैंसर संस्थान
25 दिसंबर को मरीजों का इलाज शुरू हो जाने के बाद सुविधाएं धीरे-धीरे बढ़ाई जाएंगी। यह अस्पताल कैंसर के इलाज के लिए सरकारी क्षेत्र का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान होगा।
-डॉ. जीके रथ, प्रमुख, कैंसर संस्थान