केजरीवाल की मंशा पर केंद्र ने फेरा पानी, नहीं बढ़ेगी विधायकों की 400 फीसदी सेलरी
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दिल्ली की केजरीवाल सरकार और मोदी सरकार के बीच तनाव बढ़ने के आसार फिर नजर आने लगे हैं। इस बार इस तनातनी की वजह दिल्ली के विधायकों की सैलरी हो सकती है।
दरअसल केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के विधायकों की सैलरी 400 फीसदी बढ़ाने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने इस बिल को ये बात कहते हुए वापस किया है कि दिल्ली सरकार कानूनी प्रक्रिया के अनुसार इस बिल को फिर से सही फॉर्मेट में भेजे।
बता दें कि अगस्त 2016 में इस बिल के संदर्भ में केंद्र ने दिल्ली सरकार से इस बिल के व्यावहारिक पक्ष के बारे में भी जानना चाहा था।
88 हजार से बढ़ाकर 2 लाख 10 हजार रुपए करने का प्रस्ताव रखा था
सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय का तो यहां तक कहना है कि दिल्ली सरकार उन कारणों को बताए जिससे यह माना जा सके कि दिल्ली में विधायकों के खर्च में 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने लिखा है, 'यह बिल सही फॉर्मेट के साथ नहीं भेजा गया है और इसे तभी आगे बढ़ाया जा सकता है, जब यह सही तरीके के साथ भेजा जाए।'
मालूम हो कि 2015 में दिल्ली विधानसभा ने विधायकों की सैलरी में संशोधन संबंधी यह बिल पास किया था। इसमें विधायकों की सैलरी 88 हजार से बढ़ाकर 2 लाख 10 हजार रुपए करने का प्रस्ताव रखा था।