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कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 10 Mar 2015 12:56 AM IST
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फरीदाबाद के पाली गांव में ईसाई समुदाय के कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद जारी है। ग्रामीणों ने नगर निगम अधिकारियों से मिलकर नाराजगी जताई। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की बैठक होगी। इसमें उन्हें यथास्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी।
ज्ञात हो कि दो दिन पहले पाली गांव में ईसाई समुदाय की एक महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। सोमवार को गांव के कई लोग नगर निगम पहुंचे और अधिकारियों से मिलकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि कब्रिस्तान की जमीन गांव में न दी जाए। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम महावीर प्रसाद से मुलाकात की।
उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि ईसाई समुदाय को दी गई जगह पंचायत की नहीं है। हुडा ने उस जमीन का अधिग्रहण कर वर्ष 2012 में नगर निगम को सौंप दिया था। सरकार के निर्देशानुसार यह जमीन को शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले कब्रिस्तान के लिए दी गई थी। उस पर ग्रामीणों का विरोध करना उचित नहीं है।
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निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. नरहरि सिंह का कहना है कि जो ग्रामीण उसे पंचायत की जमीन बता रहे थे, उन्हें कागज दे दिए गए हैं। उसमें साफ है कि जमीन पंचायत की नहीं बल्कि निगम की है। निगम ने सरकार के निर्देशानुसार, जमीन ईसाई समुदाय के कब्रिस्तान के लिए दे रखा है।
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ज्ञात हो कि दो दिन पहले पाली गांव में ईसाई समुदाय की एक महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। सोमवार को गांव के कई लोग नगर निगम पहुंचे और अधिकारियों से मिलकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि कब्रिस्तान की जमीन गांव में न दी जाए। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम महावीर प्रसाद से मुलाकात की।
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उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि ईसाई समुदाय को दी गई जगह पंचायत की नहीं है। हुडा ने उस जमीन का अधिग्रहण कर वर्ष 2012 में नगर निगम को सौंप दिया था। सरकार के निर्देशानुसार यह जमीन को शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले कब्रिस्तान के लिए दी गई थी। उस पर ग्रामीणों का विरोध करना उचित नहीं है।
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निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. नरहरि सिंह का कहना है कि जो ग्रामीण उसे पंचायत की जमीन बता रहे थे, उन्हें कागज दे दिए गए हैं। उसमें साफ है कि जमीन पंचायत की नहीं बल्कि निगम की है। निगम ने सरकार के निर्देशानुसार, जमीन ईसाई समुदाय के कब्रिस्तान के लिए दे रखा है।