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सीबीएसई का स्कूलों को बड़ा निर्देश, 'कक्षा दो तक के बच्चों को होमवर्क न दें'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:12 PM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों को कहा है कि वह कक्षा दो तक के छात्रों को बिल्कुल भी होमवर्क न दें। सीबीएसई ने कहा है कि स्कूल राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के प्रावधानों का पालन करें। उन्हें स्कूल बैग भी न दिया जाए।
सीबीएसई के अकादमिक निदेशक डॉ. जोसेफ इमानुएल ने इस संबंध में एक सकुर्लर जारी किया है। बोर्ड ने सकुर्लर में मद्रास हाईकोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि कोर्ट ने भी कक्षा दो तक के बच्चों को होमवर्क ना देने को कहा है।
लिहाजा इस आदेश का पालन करने के लिए दोबारा सूचित किया जा रहा है। बोर्ड ने कहा है कि स्कूल एनसीईआरटी की ओर से तय पाठ्यक्रम से ही पढ़ाएं। बोर्ड का कहना है कि एनसीईआरटी ही कक्षा एक से आठ तक के लिए अकादमिक अथॉरिटी है।
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एनसीईआरटी ने पहली व दूसरी कक्षा के लिए तीन-तीन पुस्तकें निर्धारित कर रखी हैं। बोर्ड ने स्कूलों को हिदायत देते हुए कहा है कि संबद्धता उपनियमों के कारण स्कूलों को बोर्ड के इस सुझाव को मानना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अशोक गागुंली ने स्कूलों को बच्चों के बैग का वजन कम करने के लिए कहा था।
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सीबीएसई के अकादमिक निदेशक डॉ. जोसेफ इमानुएल ने इस संबंध में एक सकुर्लर जारी किया है। बोर्ड ने सकुर्लर में मद्रास हाईकोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि कोर्ट ने भी कक्षा दो तक के बच्चों को होमवर्क ना देने को कहा है।
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लिहाजा इस आदेश का पालन करने के लिए दोबारा सूचित किया जा रहा है। बोर्ड ने कहा है कि स्कूल एनसीईआरटी की ओर से तय पाठ्यक्रम से ही पढ़ाएं। बोर्ड का कहना है कि एनसीईआरटी ही कक्षा एक से आठ तक के लिए अकादमिक अथॉरिटी है।
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एनसीईआरटी ने पहली व दूसरी कक्षा के लिए तीन-तीन पुस्तकें निर्धारित कर रखी हैं। बोर्ड ने स्कूलों को हिदायत देते हुए कहा है कि संबद्धता उपनियमों के कारण स्कूलों को बोर्ड के इस सुझाव को मानना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अशोक गागुंली ने स्कूलों को बच्चों के बैग का वजन कम करने के लिए कहा था।
स्कूल पंतगबाजी रोधी अभियान चलाएं : शिक्षा निदेशालय
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को पतंगबाजी रोधी अभियान चलाने को कहा है। निदेशालय ने सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को पतंगबाजी रोकने के लिए बच्चों को संवेदनशील बनाने के लिए निर्देशित किया है।
इस संबंध में निदेशालय ने एक सकुर्लर जारी कर कहा है कि स्कूल प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को पतंगबाजी के खतरों के विषय में बताए। राजधानी में त्योहारों के समय खासकर 15 अगस्त, राखी व जन्माष्टमी पर पतंगबाजी होती है। इस दौरान कई बच्चों के साथ दुर्घटनाओं के मामले भी सामने आते हैं।
इस संबंध में निदेशालय ने एक सकुर्लर जारी कर कहा है कि स्कूल प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को पतंगबाजी के खतरों के विषय में बताए। राजधानी में त्योहारों के समय खासकर 15 अगस्त, राखी व जन्माष्टमी पर पतंगबाजी होती है। इस दौरान कई बच्चों के साथ दुर्घटनाओं के मामले भी सामने आते हैं।