मिलेनियम सिटी में अभी भी हावी हैं जातीय समीकरण
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चुनाव में अहीर और मुस्लिम वोटरों की अहम भूमिका होती है क्योंकि कुल मतदाताओं में से 40 फीसदी वोट इन्हीं के हैं। इस लोकसभा चुनाव में भी तीन पार्टियों ने इन्हीं जातियों से उम्मीदवार उतारे हैं।
इनमें ‘आप’ के योगेंद्र यादव, बीजेपी के राव इंद्रजीत और कांग्रेस के राव धर्मपाल हैं। इसके अलावा चौथे प्रत्याशी इनेलो के जाकिर हुसैन मुस्लिम बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं।
बंट जाएंगे वोट, किसको मिलेगा फायदा
पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार जुड़े पांच लाख नए मतदाताओं की भूमिका भी अहम होगी। इनमें से काफी लोग बाहर से आए हुए और विभिन्न जातियों से हैं। ये लोग उन क्षेत्र में खासा असर डाल सकते हैं, जहां तीन प्रत्याशियों के बीच यादव वोट के बंटने की संभावना है।
कांग्रेस का टिकट आफताब अहमद को न देकर यादव उम्मीदवार को देने से लोगों में निराशा है। अब वे आप या इनेलो में बंट सकते हैं। इसके अलावा, इनेलो को करीब डेढ़ लाख जाट वोट मिलने की भी उम्मीद है।
खत्म हो रहा है कांग्रेस का दबदबा!
उधर, बीजेपी का खेमा आश्वस्त नजर आ रहा है कि इस क्षेत्र से कांग्रेस का दबदबा खत्म हो जाएगा। पार्टी का मानना है कि राव इंद्रजीत ने हमेशा से दक्षिण हरियाणा में विकास की बात की है। इस मुद्दे के आगे जातीय समीकरण नहीं चलेगा।
AAP का मानना है कि उनकी पार्टी के प्रत्याशी को सभी वर्गों के वोट मिलेंगे। पार्टी का मानना है कि हुड्डा सरकार से ऊब चुके लोग और अरविंद केजरीवाल की भ्रष्टाचार विरोधी छवि से फायदा होगा। इसके अलावा कांग्रेस के राव धर्मपाल को अभी भी परंपरागत वोट बैंक और व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर सीट को दोबारा हासिल करने की आस है।