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Delhi NCR News: मच्छर जनित बीमारियों के मामलों में आई कमी, खतरा बरकरार
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सितंबर के पहले सप्ताह में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के 92 नए मामले दर्ज किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मच्छर जनित बीमारियों के मामलों में कुछ कमी आई है। मगर अभी इन बीमारियों का खतरा बरकरार है। गत सप्ताह के दौरान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के 92 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें डेंगू के 58 मरीज, मलेरिया के 29 और चिकनगुनिया के पांच मामले सामने आए। इससे पहले वाले सप्ताह में डेंगू के 87, मलेरिया के 44 और चिकनगुनिया के पांच मामलों की पुष्टि हुई थी।
मलेरिया के मामलों में एमसीडी के वेस्ट जोन, सेंट्रल, सिटी एसपी, सिविल लाइन और शाहदरा (उत्तर) जोन सबसे प्रभावित रहे। इन सभी जोन में 3-3 नए मामले दर्ज किए गए। इसके विपरीत नरेला और रोहिणी जोन राहत भरे रहे, क्योंकि यहां एक भी नया मामला दर्ज नहीं हुआ। डेंगू के मामलों में दिल्ली कैंट सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा, जहां अकेले 10 मरीज रिपोर्ट हुए। इसके अलावा सेंट्रल और वेस्ट जोन में 5-5 जबकि सिटी एसपी और सिविल लाइन में 3-3 मरीज दर्ज किए गए। चिकनगुनिया के पांच मामले आए। इसमें सेंट्रल, नजफगढ़, साउथ, रेलवे और वेस्ट जोन से 1-1 केस के सामने आए।
राजधानी में संक्रमण को रोकने के लिए एमसीडी ने इस सप्ताह बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। 7.97 लाख घरों का निरीक्षण किया गया जिनमें से 14,504 घरों में मच्छरों के प्रजनन स्थल मिले। नियम तोड़ने वालों पर 6,907 कानूनी नोटिस जारी किए गए और 1,458 अभियोग दर्ज किए गए। वहीं, 2025 में अब तक दिल्ली में मलेरिया के 264, डेंगू के 557 और चिकनगुनिया के 42 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें अगस्त महीना सबसे खतरनाक साबित हुआ। इस माह अकेले 100 मलेरिया और 208 डेंगू के मामले सामने आए। सितंबर के शुरुआती सप्ताह में ही डेंगू के 58 और मलेरिया के 29 मरीज सामने आना संकेत देता है कि हालात सामान्य नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मच्छर जनित बीमारियों के मामलों में कुछ कमी आई है। मगर अभी इन बीमारियों का खतरा बरकरार है। गत सप्ताह के दौरान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के 92 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें डेंगू के 58 मरीज, मलेरिया के 29 और चिकनगुनिया के पांच मामले सामने आए। इससे पहले वाले सप्ताह में डेंगू के 87, मलेरिया के 44 और चिकनगुनिया के पांच मामलों की पुष्टि हुई थी।
मलेरिया के मामलों में एमसीडी के वेस्ट जोन, सेंट्रल, सिटी एसपी, सिविल लाइन और शाहदरा (उत्तर) जोन सबसे प्रभावित रहे। इन सभी जोन में 3-3 नए मामले दर्ज किए गए। इसके विपरीत नरेला और रोहिणी जोन राहत भरे रहे, क्योंकि यहां एक भी नया मामला दर्ज नहीं हुआ। डेंगू के मामलों में दिल्ली कैंट सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा, जहां अकेले 10 मरीज रिपोर्ट हुए। इसके अलावा सेंट्रल और वेस्ट जोन में 5-5 जबकि सिटी एसपी और सिविल लाइन में 3-3 मरीज दर्ज किए गए। चिकनगुनिया के पांच मामले आए। इसमें सेंट्रल, नजफगढ़, साउथ, रेलवे और वेस्ट जोन से 1-1 केस के सामने आए।
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राजधानी में संक्रमण को रोकने के लिए एमसीडी ने इस सप्ताह बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। 7.97 लाख घरों का निरीक्षण किया गया जिनमें से 14,504 घरों में मच्छरों के प्रजनन स्थल मिले। नियम तोड़ने वालों पर 6,907 कानूनी नोटिस जारी किए गए और 1,458 अभियोग दर्ज किए गए। वहीं, 2025 में अब तक दिल्ली में मलेरिया के 264, डेंगू के 557 और चिकनगुनिया के 42 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें अगस्त महीना सबसे खतरनाक साबित हुआ। इस माह अकेले 100 मलेरिया और 208 डेंगू के मामले सामने आए। सितंबर के शुरुआती सप्ताह में ही डेंगू के 58 और मलेरिया के 29 मरीज सामने आना संकेत देता है कि हालात सामान्य नहीं है।
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