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Delhi: पुलिस की वेबसाइट हैक कर चालान भरने का दे रहे झांसा, एनआईसी और स्पेशल सेल ने जांच की शुरू
Fri, 05 Apr 2024 07:34 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 05 Apr 2024 07:34 AM IST
सार
इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ यानी इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस ने जांच शुरू कर दी है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट हैक होने का मामला सामने आया है। किलसेक हैकिंग संगठन ने टेलीग्राम चैनल पर संदेश पोस्ट किए हैं। संदेशों के माध्यम से हैकरों ने दावा किया है कि उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट तक पहुंच हासिल कर ली है। वह लोगों को जारी किए गए चालान की स्थिति को भुगतान के रूप में बदल सकते हैं।
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मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ यानी इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस ने जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि शुरुआती जांच में वेबसाइट के हैक होने के समाचार नहीं मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किलसेक हैकर ग्रुप ने कुछ पोस्ट की हैं। पोस्ट में वह लोगों को ट्रैफिक नियम उल्लंघन चालान भरने की लालच दे रहे हैं। बदले में लोगों की निजी जानकारी मांग रहे हैं। हैकर का कहना है कि उन्होंने डाटा को इस कदर हैक कर लिया है कि वह पेड चालान को अनपेड और अनपेड को पेड दिखा सकते हैं। हैकर ने दूसरी पोस्ट में दावा किया है कि दिल्ली पुलिस की वेबसाइट हैक कर ली है। उन्होंने तस्वीर भी हासिल कर ली हैं। वह उन डाटा पिक्चर को बाजार में भेजकर दुरुपयोग कर सकते हैं।
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ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट एनआईसी द्वारा संचालित की जाती है। एनआईसी को इस मुद्दे से अवगत कराया गया है। एनआईसी टीम मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच के बाद यह निर्धारित करना संभव नहीं है कि साइट के साथ छेड़छाड़ की गई है। अभी मामला जांच के प्रारंभिक चरण में है। शुरुआती जांच में छेड़छाड़ के सबूत नहीं मिले हैं। -एचजीएस धालीवाल, विशेष पुलिस आयुक्त
सर्वर एनआईसी के पास है। आईएफएसओ को अभी जांच के लिए सर्वर नहीं मिला है। आईएफएसओ ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में वेबसाइट को हैक करने व छेड़छाड़ के सबूत नहीं मिले हैं। - आईएफएसओ के वरिष्ठ अधिकारी