{"_id":"5b516fca4f1c1b44748b5d60","slug":"case-filed-on-asotec-director-for-negligence-in-fire-safety-measures","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसोटेक के निदेशक पर केस दर्ज, पांच बार नोटिस देने पर भी बरती लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसोटेक के निदेशक पर केस दर्ज, पांच बार नोटिस देने पर भी बरती लापरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा की दो सोसायटी में बिल्डर ने आवंटियों को कब्जा तो देे दिया लेकिन इमारत में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं किए। दमकल अधिकारियों ने भवन का निरीक्षण किया तो लापरवाही सामने आई। दोनों सोसायटियों में फायर फाइटिंग दुरुस्त करने के लिए पांच बार नोटिस भेज समय दिया गया मगर बिल्डर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
जिसके बाद दमकल विभाग की ओर से एसोटेक बिल्डर के डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव के खिलाफ अदालत में केस दर्ज कराया गया है। दोनो सोसायटी में करीब 200 परिवार रहते हैं।
अग्निशमन अधिकारी कुलदीप कुमार ने बताया कि एसोटेक बिल्डर ने सेक्टर-44 स्थित सिलेस्टी टावर और सेक्टर-78 स्थित विंडसर टावर में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम फायर फाइटिंग की जांच करने गई थी।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बिल्डर को सुधार के लिए दोनों सोसाइटी को पांच बार नोटिस भेजा। नोटिस के बाद भी बिल्डर की ओर से कोई सुधार नहीं किया गया। उन्होंने सीजीएम कोर्ट में एसोटेक बिल्डर के डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव के खिलाफ वाद दर्ज कराने की अपील की। 200 परिवारों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ होते देख अदालत ने बिल्डर के खिलाफ वाद दायर कर लिया है। अब आगे सुनवाई शुरू होगी।
कुलदीप कुमार ने बताया कि सेक्टर-44 स्थित सिलेस्टी टावर 121 मीटर ऊंची है और इसमें 30 से अधिक परिवार रहते हैं। जबकि सेक्टर-78 स्थित विंडसर टावर 60 मीटर ऊंचा है। यहां 170 से अधिक परिवार रहते हैं। इनमें फायर फाइटिंग की व्यवस्था कुछ भी नहीं थी और बिल्डर की ओर लापरवाही बरती जा रही है। अगर यहां आग लग जाती है तो सैकड़ों लोग की जान जा सकती है।
सात टीम बनाकर चला रहे अभियान
एफएसओ ने बताया कि आला अधिकारियों ने 7 टीम बनाकर पूरे जिले में फायर सेफ्टी की जांच के लिए अभियान छेड़ रखा है। उसी के तहत यह कार्रवाई की गई है। चूंकि अधिकतर बिल्डरों द्वारा इन नियमों की अनदेखी कर रखी है और लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। मगर अब उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
जिसके बाद दमकल विभाग की ओर से एसोटेक बिल्डर के डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव के खिलाफ अदालत में केस दर्ज कराया गया है। दोनो सोसायटी में करीब 200 परिवार रहते हैं।
विज्ञापन
अग्निशमन अधिकारी कुलदीप कुमार ने बताया कि एसोटेक बिल्डर ने सेक्टर-44 स्थित सिलेस्टी टावर और सेक्टर-78 स्थित विंडसर टावर में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम फायर फाइटिंग की जांच करने गई थी।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बिल्डर को सुधार के लिए दोनों सोसाइटी को पांच बार नोटिस भेजा। नोटिस के बाद भी बिल्डर की ओर से कोई सुधार नहीं किया गया। उन्होंने सीजीएम कोर्ट में एसोटेक बिल्डर के डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव के खिलाफ वाद दर्ज कराने की अपील की। 200 परिवारों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ होते देख अदालत ने बिल्डर के खिलाफ वाद दायर कर लिया है। अब आगे सुनवाई शुरू होगी।
कुलदीप कुमार ने बताया कि सेक्टर-44 स्थित सिलेस्टी टावर 121 मीटर ऊंची है और इसमें 30 से अधिक परिवार रहते हैं। जबकि सेक्टर-78 स्थित विंडसर टावर 60 मीटर ऊंचा है। यहां 170 से अधिक परिवार रहते हैं। इनमें फायर फाइटिंग की व्यवस्था कुछ भी नहीं थी और बिल्डर की ओर लापरवाही बरती जा रही है। अगर यहां आग लग जाती है तो सैकड़ों लोग की जान जा सकती है।
सात टीम बनाकर चला रहे अभियान
एफएसओ ने बताया कि आला अधिकारियों ने 7 टीम बनाकर पूरे जिले में फायर सेफ्टी की जांच के लिए अभियान छेड़ रखा है। उसी के तहत यह कार्रवाई की गई है। चूंकि अधिकतर बिल्डरों द्वारा इन नियमों की अनदेखी कर रखी है और लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। मगर अब उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।