मामला बन गया चर्चा की वजह, 18 घंटे में हो गया फैसला
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दिल्ली पुलिस में इन दिनों लापरवाही से वाहन चलाने का दर्ज हुआ मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले का मात्र 18 घंटे में ही फैसला हो गया।
18 घंटे में पुलिस ने करीब 24 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की, गाड़ी की मैकेनिकल जांच कराई और कोर्ट ने फैसला भी सुना दिया है। दिल्ली पुलिस में ये शायद पहला मामला है कि 18 घंटे में ही फैसला हो गया।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार गांव कटिरा जाफराबाद निवासी जितेंद्र (25) नोएडा में रहता है और कॉल सेंटर की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी चलाता है। जितेंद्र 6 अक्तूबर की रात आईआईटी से चिराग दिल्ली की तरफ जा रहा था।
हौजखास मेट्रो स्टेशन के पास उसकी गाड़ी एक ऑटो से टकराते-टकराते बची। दिल्ली ट्रैफिक के सिपाही महेन्द्र ने जितेंद्र को लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में 6 अक्तूबर को रात करीब साढ़े आठ बजे पकड़ लिया और उसे हौजखास थाना पुलिस को सौंप दिया।
दायर हुई 24 पेज की चार्जशीट
हौज खास थाना पुलिस ने 6 अक्तूबर को ही रात साढ़े नौ बजे लापरवाही से वाहन चलाकर मानव जीवन को संकट में डालने का मामला दर्जकर तफ्तीश हवलदार महावीर को सौंप दी।
हौजखास थानाध्यक्ष सतेंद्र सांगवान की देखरेख में हवलदार महावीर ने रात में करीब 24 पेज की चार्जशीट तैयार की, आरोपी की मेडिकल जांच के अलावा गाड़ी की मैकेनिकल जांच कराई। 7 अक्तूबर की सुबह एमएम अंकित सिंगला की साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
कोर्ट ने जितेंद्र पर 700 रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला सुनाया। जितेंद्र ने कोर्ट में माफी भी मांग ली थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अगर इस तरह केस का फैसला हो जाए तो पुलिस में अच्छी परंपरा शुरू होगी।