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Delhi NCR News: एमडीएमए ड्रग्स सप्लाई का मास्टरमाइंड कलिस्टो भूमिगत, नेटवर्क की जांच तेज
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-घाना निवासी उसलोर ने पूछताछ में बताया, कलिस्टो के निर्देश पर ही वह ड्रग्स की सप्लाई करने पहुंचा था
-दिल्ली-एनसीआर में गुप्त ड्रग्स लैब की आशंका, आगरा-लखनऊ तक सप्लाई नेटवर्क की जांच
मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। एक करोड़ रुपये से अधिक की एमडीएमए ड्रग्स सप्लाई के मामले में युवती समेत दो विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मास्टरमाइंड कलिस्टो की तलाश में जुटी है। घाना निवासी गिरफ्तार आरोपी उसलोर ने पूछताछ में कलिस्टो का नाम उजागर किया है। पुलिस के मुताबिक, कलिस्टो के निर्देश पर ही उसलोर महिला आरोपी की मांग पर ड्रग्स की सप्लाई करने पहुंचा था। यह भी पता चला है कि सप्लाई पहुंचाने के लिए कलिस्टो ने महिला आरोपी से कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात कराई थी।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कलिस्टो भूमिगत हो गया है। उसने अपना व्हाट्सएप बंद कर दिया है और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिया है। पुलिस उसकी तलाश के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि वह किन लोगों के संपर्क में था और उसका नेटवर्क कितने शहरों तक फैला है।
दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स लैब की आशंका
जांच एजेंसियों को दिल्ली-एनसीआर में किसी गुप्त ड्रग्स फैक्टरी या लैब के संचालन की आशंका है। पुलिस पता लगा रही है कि एमडीएमए की खेप कहां तैयार की गई या कहां से हासिल की गई थी और इसकी सप्लाई आगे किन लोगों तक होनी थी। आगरा, लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर में विदेशी नागरिकों तथा नाइट क्लबों के संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, इन स्थानों और नेटवर्क के बीच संबंधों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस दिशा में साक्ष्य जुटा रही है।
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पासपोर्ट-वीजा नहीं मिलने पर दूतावासों को सूचना
गिरफ्तार दोनों विदेशी नागरिकों के पास पासपोर्ट और वीजा नहीं मिलने के कारण भारत में उनके प्रवास की वैधता की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने संबंधित देशों के दूतावासों को इसकी जानकारी भेजी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों भारत में कब से रह रहे थे और कितने समय से मादक पदार्थों की सप्लाई में सक्रिय थे। लंबे समय तक रहने के बावजूद उनकी गतिविधियों की जानकारी स्थानीय खुफिया तंत्र तक क्यों नहीं पहुंची, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
महिला आरोपी ने लखनऊ के हजरतगंज में फ्लैट का पता भी बताया है
नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस और एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की कार्रवाई में गिरफ्तार उसलोर ने दिल्ली के महरौली स्थित शुभम अपार्टमेंट को अपना हाल का पता बताया है। वहीं, महिला आरोपी मूल रूप से उज्बेकिस्तान के बुखारा शहर की रहने वाली है। उसने दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 और लखनऊ के हजरतगंज स्थित फ्लैट का पता बताया है। पुलिस दोनों ठिकानों पर आने-जाने वालों की जानकारी जुटा रही है।
जांच में एलआईयू और आईबी की टीमें भी शामिल
मकान किराये पर देने वालों से भी पूछताछ की तैयारी है। आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाई गई है, जिससे उनके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। जांच में स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीमें भी शामिल हैं।
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-दिल्ली-एनसीआर में गुप्त ड्रग्स लैब की आशंका, आगरा-लखनऊ तक सप्लाई नेटवर्क की जांच
मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। एक करोड़ रुपये से अधिक की एमडीएमए ड्रग्स सप्लाई के मामले में युवती समेत दो विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मास्टरमाइंड कलिस्टो की तलाश में जुटी है। घाना निवासी गिरफ्तार आरोपी उसलोर ने पूछताछ में कलिस्टो का नाम उजागर किया है। पुलिस के मुताबिक, कलिस्टो के निर्देश पर ही उसलोर महिला आरोपी की मांग पर ड्रग्स की सप्लाई करने पहुंचा था। यह भी पता चला है कि सप्लाई पहुंचाने के लिए कलिस्टो ने महिला आरोपी से कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात कराई थी।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कलिस्टो भूमिगत हो गया है। उसने अपना व्हाट्सएप बंद कर दिया है और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिया है। पुलिस उसकी तलाश के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि वह किन लोगों के संपर्क में था और उसका नेटवर्क कितने शहरों तक फैला है।
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दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स लैब की आशंका
जांच एजेंसियों को दिल्ली-एनसीआर में किसी गुप्त ड्रग्स फैक्टरी या लैब के संचालन की आशंका है। पुलिस पता लगा रही है कि एमडीएमए की खेप कहां तैयार की गई या कहां से हासिल की गई थी और इसकी सप्लाई आगे किन लोगों तक होनी थी। आगरा, लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर में विदेशी नागरिकों तथा नाइट क्लबों के संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, इन स्थानों और नेटवर्क के बीच संबंधों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस दिशा में साक्ष्य जुटा रही है।
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पासपोर्ट-वीजा नहीं मिलने पर दूतावासों को सूचना
गिरफ्तार दोनों विदेशी नागरिकों के पास पासपोर्ट और वीजा नहीं मिलने के कारण भारत में उनके प्रवास की वैधता की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने संबंधित देशों के दूतावासों को इसकी जानकारी भेजी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों भारत में कब से रह रहे थे और कितने समय से मादक पदार्थों की सप्लाई में सक्रिय थे। लंबे समय तक रहने के बावजूद उनकी गतिविधियों की जानकारी स्थानीय खुफिया तंत्र तक क्यों नहीं पहुंची, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
महिला आरोपी ने लखनऊ के हजरतगंज में फ्लैट का पता भी बताया है
नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस और एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की कार्रवाई में गिरफ्तार उसलोर ने दिल्ली के महरौली स्थित शुभम अपार्टमेंट को अपना हाल का पता बताया है। वहीं, महिला आरोपी मूल रूप से उज्बेकिस्तान के बुखारा शहर की रहने वाली है। उसने दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 और लखनऊ के हजरतगंज स्थित फ्लैट का पता बताया है। पुलिस दोनों ठिकानों पर आने-जाने वालों की जानकारी जुटा रही है।
जांच में एलआईयू और आईबी की टीमें भी शामिल
मकान किराये पर देने वालों से भी पूछताछ की तैयारी है। आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाई गई है, जिससे उनके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। जांच में स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीमें भी शामिल हैं।