सपा ने विधायक की पत्नी पर खेला दांव
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नोएडा उपचुनावों को दीलेकर भाजपा की ओर से प्रत्याशी पद के दावेदार मंत्री पुत्र को निरस्त करते ही समाजवादी पार्टी ने नोएडा प्रत्याशी की घोषणा कर दी। रविवार को गुड्डू पंड़ित की पत्नी काजल शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है। गुड्डू पंड़ित डिबाई से विधायक हैं।
समाजवादी पार्टी ने जातिगत समीकरणों और राजनीतिक बैकग्राउंड को देखते हुए गिझोड़ निवासी काजल शर्मा पर दांव खेला है। ऐसा करने के पीछे कहीं न कहीं बसपा वोट बैंक को भी ध्यान में रखा गया है। गुड्डू पंड़ित पिछली सरकार में बसपा से विधायक थे और इस बार बसपा चुनाव नहीं लड़ रही है।
ऐसे में बसपा के वोट बैंक का फायदा हो सकता है। बदले हुए समीकरणों के बाद भाजपा से जबरदस्त मुकाबला होने की उम्मीद है, क्योंकि नोएडा भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है।
एमिटी से एमबीए की पढ़ाई कर चुकी काजल
एमिटी से एमबीए की पढ़ाई कर चुकी काजल की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डाली जाए तो काफी लंबी है। प्रत्याशी के देवर मुकेश शर्मा शिकारपुर से विधायक हैं। उनके पति गुड्डू पंड़ित दो बार लगातार विधायक चुने गए। जेठ सुरेश शर्मा गिझोड़ के पूर्व प्रधान रहे हैं।
वहीं, स्वयं प्रत्याशी सपा की ओर से 2014 में अलीगढ़ से लोकसभा की प्रत्याशी घोषित की गई थीं, लेकिन विवाद के चलते अंतिम समय पर उनके स्थान पर दूसरा प्रत्याशी घोषित किया गया। उनके देवर 2009 में बसपा के टिकट पर बागपत से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। जानकारों के मुताबिक, पूरा परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा हुआ है।
इसका फायदा आगामी चुनावों में सपा को मिल सकता है। साथ ही नोएडा में ब्राह्मण वोटर अच्छी तादात में है और अन्य पार्टी ने अभी तक किसी ब्राह्मण को प्रत्याशी भी नहीं बनाया है। ऐसे में ब्राह्मण मतदाताओं का झुकाव भी सपा की ओर हो सकता है।
देर रात तक चली बैठक
प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद देर रात तक सेक्टर-51 में सपा पदाधिकारी की बैठक हुई। इसमें गुड्डू पंड़ित, केंद्रीय मंत्री नारद राय, पूर्व सांसद सुरेंद्र नागर समेत वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसमें चुनाव लड़ने की रूपरेखा तैयार की गई।
पीएम तक पहुंची नोएडा टिकट की रस्साकशी
नोएडा विधानसभा उपचुनाव के टिकट के लिए चल रही रस्साकशी आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गई है। एक मंत्री पुत्र को प्रत्याशी बनाए जाने की आहट से परेशान प्रतिनिधिमंडल ने मोदी से मिल शिकायत की है। वहीं, भाजपा के प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार हो गई है। सोमवार को इसकी घोषणा हो जाएगी।
कई दिन से एक केंद्रीय मंत्री पुत्र को प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलों ने नोएडा सीट को प्रधानमंत्री की नजरों में ला दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने विरोध प्रकट करते हुए नोएडा से मंत्री पुत्र को टिकट न दिए जाने की अपील की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि टिकट बंटवारे में भाई-भतीजावाद नहीं चलेगा।
वहीं, नोएडा के स्थानीय नेता से केंद्रीय नेतृत्व ने सोमवार को पर्चा खरीदने के लिए बोल दिया है। सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय नेता को यह निर्देश प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार करने के बाद दिया गया है। हालांकि, भाजपा ने नोएडा के प्रत्याशी पर अंतिम मुहर लगाते वक्त खासा ध्यान रखा कि वो बेदाग होने के साथ सर्वमान्य भी हो।
ताकि चुनाव में किसी प्रकार के विरोध का सामना करना न पड़े। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी राय मशवरा किया गया। चूंकि सांसद डॉ. महेश शर्मा की रिक्त की गई सीट है, इसलिए हाईकमान ने उन्हें भी प्रत्याशी को जिताने का जिम्मा सौंपा है। साथ ही साथ अन्य दावेदारों को भरोसा दिलाया गया है कि आने वाले चुनाव समेत विभिन्न मौकों पर उनका पूरा सम्मान किया जाएगा।
कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर आज
कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर सोमवार को सोनिया गांधी लगाएंगी। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें प्रत्याशियों के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं, सपा और भाजपा के प्रत्याशियों के जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सोमवार देर शाम तक इसकी घोषणा की जाएगी।