फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   buyers still fighting for justice in greater noida after yogi government

बिल्डरों की धोखाधड़ी में उलझ रही पुलिस, थानों का चक्कर लगा रहे बायर्स

Tue, 25 Apr 2017 10:29 AM IST
जेपी शर्मा/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Tue, 25 Apr 2017 10:29 AM IST
विज्ञापन
buyers still fighting for justice in greater noida after yogi government

कई वर्षों से बिल्डरों की धोखाधड़ी का शिकार हो रहे बायर्स सत्ता परिवर्तन के बाद न्याय की आस में लगातार थाने सेे लेकर एसएसपी कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। एक के बाद एक बिल्डर के खिलाफ मिल रहीं दर्जनों शिकायतों में पुलिस भी उलझती जा रही है।

विज्ञापन


पुलिस कई बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है, लेकिन इससे आशियाने की आस में गाढ़ी कमाई खर्च करनेे वाले बायर्स की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसके चलते पुलिस अधिकारी समस्या के निस्तारण के लिए मंथन में जुटे हैं।
विज्ञापन


प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जिले में आशियाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से की गई धोखाधड़ी के मामले आने शुरू हो गए। गाजियाबाद निवासी एक बायर्स के ट्वीट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद से एक के बाद एक सैकड़ों पीड़ित सामने आ रहे हैं। जिले में सक्रिय कई बिल्डर लोगों को आशियाने का सपना दिखाकर गाढ़ी कमाई हड़प रहे हैं। कई साल तक इंतजार के बाद भी खरीदारों को फ्लैट नहीं मिला है। कई बिल्डरों ने अपनेे प्रोजेक्ट अधूरे छोड़ दिए हैं। 

फ्लैट मिलने या रुपये वापसी की आस       
पुलिस ने कई बड़े बिल्डरों पर रिपोर्ट भी दर्ज कर ली है। वहीं, दो बिल्डरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस को केस में लंबी कार्रवाई करनी पड़ रही है। बिल्डर व प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य बायर्स के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं।

इसके बावजूद बायर्स की समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा। बायर्स फ्लैट या ब्याज सहित रुपये वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब भी बड़ी संख्या में बायर्स पुलिस के पास पहुंचकर बिल्डर पर एफआईआर की मांग कर रहे हैं। 

अधिकारियों से बात कर करेंगे समाधान : एसपी       
एसपी देहात सुजाता सिंह ने बताया कि बायर्स प्राधिकरण के अधिकारियों के पास जाते हैं तो वे उन्हें पुलिस के पास भेज देते हैं, जबकि पुलिस इन मामलों में केवल एफआईआर दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी कर सकती है।


इससे बायर्स की समस्या का समाधान नहीं होगा। खरीदारों की मुख्य मांग फ्लैट या रुपये वापसी है। इसलिए आलाधिकारियों व प्राधिकरण के अफसरों से बात कर समस्या का समाधान ढूंढने का प्रयास किया जाएगा।       

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed