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भाजपा शासित इस राज्य में परेशान हो भाग रहे उद्यमी

Sun, 12 Jul 2015 06:38 PM IST
Updated Sun, 12 Jul 2015 06:38 PM IST
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Businessmen leaving faridabad due to corruption

हरियाणा में राज्य सरकार अच्छे औद्योगिक माहौल का ढिंढोरा पीट रही है तो दूसरी ओर हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) की नीतियों से खिन्न उद्योगपति इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) में लिए गए प्लॉट वापस कर रहे हैं।

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अब तक छोटे-बड़े उद्यमियों ने करीब सवा सौ प्लॉट वापस कर दिए हैं। ऐसी कंपनियों में लखानी, सर्वोत्तम पंप, हिंदुस्तान सिरिंज, इंपीरियल ऑटो और हरियाणा ग्राइंडवेल इंडस्ट्री सहित 130 नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ ने अपने प्लॉट साइज छोटे किए हैं।
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उद्योगपतियों का आरोप है कि प्लॉट लेने में कदम-कदम पर भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है। हर साल बढ़ते रेट से वह परेशान हैं। जिन्होंने 9000 रुपये वर्गमीटर की दर पर प्लॉट खरीदा था अब उन्हें 13,000 रुपये वर्गमीटर से अधिक देने पड़ रहे हैं।

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बार-बार रेट बढ़ने और सुविधा शुल्क से बढ़ी परेशानी

Businessmen leaving faridabad due to corruption

फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान नवदीप चावला और पूर्व प्रधान एसके जैन कहते हैं कि जो लोग आईएमटी में कंपनी लगाना चाहते हैं, उन्हें पजेशन नहीं मिल रहा है। प्लॉट इतना महंगा कर दिया है कि उद्योगपति परेशान हैं। इस तरह से निवेश का माहौल कैसे बनेगा।

यह स्थिति तब है जब इस शहर में औद्योगिक प्लॉटों की जबरदस्त कमी है। यहां करीब 18,000 उद्योग हैं और वैध प्लॉट मुश्किल से चार हजार भी नहीं हैं। इसलिए ज्यादातर उद्योगों पर सरकारी विभागों की तलवार लटकती रहती है। लेनदेन करके काम चलाना पड़ता है।

सवाल यह है कि ऐसे में भी वह वैध सरकारी औद्योगिक प्लॉट क्यों वापस कर रहे हैं। जैन का कहना है कि यहां पर उद्योग लगाने का माहौल नहीं है। जो लोग कंपनी लगाना चाह रहे हैं उनसे रंगदारी मांगी जा रही है। करीब 900 प्लॉटों वाली इस टाउनशिप में 350 का अलॉटमेंट हुआ है।

मजबूर हो जमीन कर रहे सरेंडर

Businessmen leaving faridabad due to corruption

किसानों का मुआवजा बढ़ा है तो उसकी रकम तो वसूलनी पड़ेगी। ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी की वजह से कई उद्योगपतियों ने विस्तार की योजना बदल दी है, इसलिए उन्होंने प्लॉट सरेंडर और छोटे किए हैं। -सलिल नारंग, डीजीएम, एचएसआईआईडीसी

आईएमटी मेें 1012 वर्गमीटर का प्लॉट लिया। इसका रेट 9000 से बढ़कर 13,000 रुपये प्रति वर्गमीटर से अधिक पर आ गया है। 90 लाख के प्लॉट के लिए मुझसे 1.39 करोड़ लिए जा रहे हैं। एचएसआईआईडीसी के लोग किसी न किसी बात को लेकर टेंशन देते रहते हैं, इसीलिए लोग सरेंडर को मजबूर हैं। -सुनील कुमार सिंह, आईएमटी में निवेशक

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