{"_id":"62def1ea6fd7fc2712206f88","slug":"burst-of-a-gang-cheating-in-the-name-of-giving-cheap-packing-material-three-accused-arrested-from-ahmedabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"Online Fraud: सस्ता पैकिंग मैटेरियल के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा, अहमदाबाद से तीन आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Online Fraud: सस्ता पैकिंग मैटेरियल के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा, अहमदाबाद से तीन आरोपी गिरफ्तार
Tue, 26 Jul 2022 01:11 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 26 Jul 2022 01:11 AM IST
सार
आरोपियों ने ज्योति नगर के कारोबारी को अपने जाल में फंसाकर उससे 3.89 लाख रुपये ठग लिए थे। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि इन लोगों ने देशभर के कई लोगों से इसी तरह ठगी की है।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सस्ता पैकिंग मैटेरियल सप्लाई करने के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी करने वाले एक गैंग का उत्तर-पूर्वी जिला के साइबर थाना ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पवार श्याम (44), परमार दिलीप भाई (47) और जितेंद्र कुमार चौहान उर्फ चौहान जितेंद्र कुमार (35) के रूप में हुई है।
विज्ञापन
आरोपियों ने ज्योति नगर के कारोबारी को अपने जाल में फंसाकर उससे 3.89 लाख रुपये ठग लिए थे। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि इन लोगों ने देशभर के कई लोगों से इसी तरह ठगी की है। पुलिस को आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, 9 सिमकार्ड, 13 एटीएम, 8 चेकबुक और बैंक की दो पासबुक बरामद हुई हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस के मुताबिक फरवरी 2022 में ज्योति नगर निवासी नितिन जैन ने साइबर थाने में ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उनका अपना खुद का कारोबार है। उनको पैकिंग मैटरियल बाहर से खरीदने की जरूरत होती है। इसके लिए उन्होंने एक वेबसाइट पर विज्ञापन देखा था। उसे देखकर उन्होंने कॉल की, लेकिन नंबर नहीं लगा। कुछ देर बाद एक दूसरे नंबर से उनके पास कॉल आया। कॉलर ने खुद को गुजरात की एक निजी कंपनी से बताया। बातचीत के बाद आरोपियों ने बहुत कम रेट में नितिन को माल के सैंपल भेजे। माल देखने के बाद नितिन ने 19 फरवरी को ज्यादा माल का ऑर्डर कर आरोपियों के खाते में 3.89 लाख रुपये एडवांस ट्रांसफर कर दिए। लेकिन इसके बाद उनको माल नहीं मिला। कंपनी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनके मोबाइल नंबर बंद मिले। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने ठगी की रकम को उसी दिन चेक के माध्यम से निकाल ली थी।
विज्ञापन
मोबाइल नंबर के आधार पर जब आरोपियों की लोकेशन की जांच की गई तो पता चला कि कॉल अहमदाबाद से की जा रही थी। एक टीम को अहमदाबाद भेज दिया गया। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने 22 जुलाई को मोदापुर, अहमदाबाद से पवार श्याम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली। इसकी निशानदेही पर पुलिस ने बाकी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि इन लोगों ने बकायदा कंपनी को फर्जी पते पर रजिस्टर्ड कराकर उसका जीएसटी नंबर भी लिया हुआ था। इसकी मदद से वह आसानी से लोगों का विश्वास जीत लेते थे। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए यह शुरुआत में बेहद कम कीमत पर माल भेजते थे। ज्यादा रकम का ऑर्डर मिलते ही यह अपने मोबाइल बंद कर लिया करते थे। इसी तरह के एक मामले में आरोपियों के खिलाफ जम्मू और कश्मीर में भी मामला दर्ज है।