फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Bureaucrats arev not punctual of time.

‘गुरुजी’ के अफसर, कब आओगे दफ्तर

Fri, 07 Nov 2014 07:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 07 Nov 2014 07:53 PM IST
विज्ञापन
Bureaucrats arev not punctual of time.

फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को समय पर आने के लिए नकेल कसने का दावा करने वाले अफसर खुद समय के पाबंद नहीं हैं।

विज्ञापन


शिक्षकों पर शिकंजा कसते हैं और खुद दफ्तर 45 मिनट से एक घंटा देर से पहुंचते हैं। नतीजा सुबह कोई काम के लिए आ जाए तो उसे इंतजार करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री के समय से पहुंचने के निर्देश को एक हफ्ते हो गए और अधिकारियों का टाइम टेबल अभी तक नहीं सुधरा। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा।

सेक्टर-16 स्थित दफ्तर में डीईओ, डिप्टी डीईओ, डीईईओ समेत क्लर्क तक नदारद मिले। ऐसे में भला शिक्षा के ग्राफ के साथ ही नीतियों में कैसे सुधार हो। पेश है संवाददाता दीपाली श्रीवास्तव और फोटोग्राफर गौरव चौधरी की रिपोर्ट।


समय: 09:15
स्थान: डिप्टी डीईओ
उप जिला शिक्षा अधिकारी (डिप्टी डीईओ) सतेंदर वर्मा का कमरा खाली पड़ा था। 09:15 के बाद अधिकारी दफ्तर पहुंची और उसके बाद काम शुरू हो सका।

समय: 9.20
स्थान: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) राजीव अरोड़ा का कमरा खाली पड़ा था। फाइनेंस विभाग के एक दो कर्मचारी ही दफ्तर में मिले। क्लर्क भी दफ्तर नहीं पहुंचे थे।

समय: 9.25
स्थान: डीईईओ
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) रामकुमार फलस्वाल का कमरा बंद पड़ा था। दफ्तर में लाइट भी नहीं जल रही थी। पूछने पर पता चला कि अभी साहब दफ्तर नहीं आए हैं।
विज्ञापन


होगी कार्रवाई
प्रदेश के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा के निजी सचिव हरीश चंद्र ने कहा कि जो अधिकारी समय पर दफ्तर नहीं पहुंच रहा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed