बुराड़ी कांडः पुलिस जांच में दावा, गर्दन की हड्डी न टूटे इसलिए फंदा लगाते वक्त किया ये काम
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पहले हड्डी टूटने की बात कही जा रही थी। आमतौर पर झटके से फंदे का दबाव पड़ने पर गर्दन के पीछे वाली हड्डी टूट जाती है। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि पैरों के नीचे से स्टूल इस तरह से हटाया गया कि गर्दन पर फंदे का अचानक दबाव नहीं पड़ा।
पूरे मामले में एलटी (रजिस्टर में ललित व टीना को एलटी लिखा हुआ है) की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि ललित व टीना ने सभी के पैर स्टूल के ऊपर से धीरे से हटा दिए। इस कारण झटका नहीं लगा।
बिसरा जांच के लिए भेजा जाएगा
आलोक कुमार ने बताया कि सभी सदस्यों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। अब बिसरा जांच के लिए भेजा जाएगा। मौके से आठ रजिस्टर मिले हैं। उन्हें भी हैंडराइटिंग जांच के लिए भेजा जाएगा।
क्या है एंटी मॉर्टम हैंगिंग
एंटी मॉर्टम हैंगिंग का मतलब जीवित व्यक्ति द्वारा फांसी लगाना होता है। अगर किसी शख्स की हत्या या मौत होने के बाद उसे फंदे पर लटकाया जाता है तो फॉरेंसिक भाषा में इसे पोस्ट मॉर्टम हैंगिंग कहा जाता है। विशेषज्ञ की मानें तो नारायणी देवी का शव अलग कमरे में मिला था। इसके बाद अंदेशा था कि नारायणी देवी की हत्या हुई है, लेकिन उसके शरीर पर भी हैंगिंग के निशान मिले हैं।