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बुलंदशहर हिंसा पर यूपी डीजीपी का बड़ा बयान, यह घटना एक बड़ी साजिश है

Wed, 05 Dec 2018 11:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Dec 2018 11:56 AM IST
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bulandshahr violence: bjp chief amit shah says do not politicize it sit will bring truth all update
ओपी सिंह, डीजीपी - फोटो : ANI

3 दिसंबर को बुलंदशहर में गोकशी की अफवाह फैलने के बाद हुई हिंसा पर आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यतक्ष अमित शाह ने बयान दिया है।

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अमित शाह ने इसे एक दुखद घटना बताते हुए कहा कि मामले में एसआईटी का गठन किया गया है और वह जांच कर रही है। इस घटना का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए, एसआईटी के रिपोर्ट पेश करते ही सब कुछ साफ हो जाएगा।

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डीजीपी बोले ये बड़ी साजिश
बुलंदशहर हिंसा पर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह घटना एक बड़ी साजिश है। यह सिर्फ न्याय व्यवस्था का ही मुद्दा नहीं है बल्कि पशु अवशेष वहां पहुंचा कैसे? उसे कौन लाया क्यों और किस परिस्थिति में लाया गया?

सीएम मिलेंगे परिवार से
वहीं खबर है कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के परिवार से मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि सुबोध का परिवार ही सीएम से मिलने लखनऊ जाएगा।

बुलंदशहर हिंसा : गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वाले चार गिरफ्तार
बुलंदशहर में गोकशी को लेकर हुई हिंसा मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में मुख्य आरोपी योगेश राज फरार है। वह बजरंग दल का जिला संयोजक बताया जा रहा है। घटना में भाजयुमो के स्याना अध्यक्ष समेत 28 लोगों को नामजद किया गया है। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने आरोपी योगेश राज के संगठन बजरंग दल का नाम लेने से परहेज करते हुए बताया कि पुलिस की छह टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं। इस बीच इंस्पेक्टर किरणपाल सिंह को सुबोध कुमार की जगह स्याना कोतवाली का जिम्मा सौंप दिया गया है। हालात काबू में हैं। 

 एडीजी आनंद ने बताया कि वीडियो फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लेकर बाकी आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही भरोसा दिलाया कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। दोषियों को किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

एडीजी ने कहा कि घटना क्यों हुई? लापरवाही किसकी थी? गोकशी कहां हुई थी? कितने दिन पहले हुई थी? यह सब एसआईटी की जांच में सामने आ जाएगा। एडीजी इंटेलिजेंस एसबी शिराडकर ने बुलंदशहर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्हें 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट देनी है। 

आनंद कुमार ने बताया कि मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक एफआईआर गोकशी करने वालों के खिलाफ हुई है, जिसमें सात लोगों को नामजद किया गया है। वहीं, पुलिस ने 28 लोगों पर नामजद, जबकि 60 अज्ञात पर मामला दर्ज कराया है। एफआईआर में योगेश राज का नाम शामिल है। हालांकि, एडीजी कानून व्यवस्था ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार संगठन के बारे में जानकारी नहीं है।

सुमित के परिजनों को पांच लाख का मुआवजा

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बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश(इनसेट में) - फोटो : अमर उजाला/फेसबुक
जिला प्रशासन ने स्याना हिंसा में गोली लगने से मारे गए सुमित कुमार (19) के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। हालांकि, मृतक के परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी पर अड़े हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 32 बोर की गोली लगने से सुमित की मौत की पुष्टि होने के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी मौत इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली से हुई। सुमित के पिता अमरजीत सिंह ने बेटे का अंतिम संस्कार उसी सम्मान से करने की मांग की, जिस तरह सुबोध कुमार का किया गया। पुलिस-प्रशासन के समझाने पर देर शाम परिजन सुमित का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए।

एनएचआरसी का यूपी सरकार को नोटिस
बुलंदशहर हिंसा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजकर चार सप्ताह में मुख्य सचिव और डीजीपी से जवाब मांगा है। आयोग ने पूछा है कि हिंसा फैलाने वालों पर क्या कार्रवाई हुई और पीड़ित परिवारों की क्या मदद की गई?

‘मेरे पति को अकसर धमकियां मिलती रहती थीं। वह अखलाक मामले की जांच कर रहे थे। इसलिए उन पर हमला हुआ। यह सोची समझी-साजिश थी। हर हाल में न्याय चाहिए। पुलिस पति के हत्यारों को गिरफ्तार करे। दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।’- सुबोध कुमार सिंह की पत्नी

‘यह पुलिस की साजिश है। अफसोस है कि सीएम या किसी भी जनप्रतिनिधि ने हमारे परिवार से संपर्क करने की कोशिश नहीं की। हम पैसा नहीं चाहते हैं। सीएम सिर्फ गऊ, गऊ, गऊ चिल्लाते रहते हैं। उसी गऊ माता के लिए मेरे भाई ने जान दे दी। अब सीएम कुछ करेंगे? भाई को शहीद का दर्जा दिया जाए।’- सुनीता सिंह, सुबोध कुमार सिंह की बहन

क्या बोले नेता

‘घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हो सकता है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पथराव किया हो, लेकिन उन्होंने फायरिंग नहीं की। वे वहां हथियार लेकर नहीं गए थे। पुलिस ने वहां खुलेआम फायरिंग की। उनकी ही गोली इंस्पेक्टर को लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।’- सुरेंद्र सिंह, भाजपा विधायक

‘बुलंदशहर में ‘अवैध’ गोकशी को लेकर हुई भीड़ हिंसा अमानवीय कृत्य है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। लोग एकजुट और सावधान रहकर देश के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करने की कोशिश कर रहे उपद्रवियों को करारा जवाब दें।’- मुख्तार अब्बास नकवी, केंद्रीय मंत्री

‘बुलंदशहर हिंसा के दौरान अराजकता, आगजनी, तोड़फोड़ और कोतवाल समेत दो की मौत के लिए यूपी सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। भाजपा के हर प्रकार का संरक्षण देने का ही परिणाम है कि यूपी में जंगलराज कायम है। दोषियों को सख्त सजा दी जाए।’- मायावती, बसपा सुप्रीमो

‘योगी आदित्यनाथ यूपी को अराजक तत्वों के हवाले कर चुनाव भ्रमण में व्यस्त हैं और कानून-व्यवस्था का दिवाला निकल गया है। कानून का शासन नहीं, भीड़तंत्र की बेलगाम हिंसा अब भाजपा सरकारों की असली पहचान है।’- रणदीप सिंह सुरजेवाल, कांग्रेस प्रवक्ता

‘घटना निंदनीय है। सीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। उम्मीद है कि अगले दो दिन में सच्चाई सामने आ जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कारण जो भी हो, लेकिन ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती।’- राम नाईक, राज्यपाल, यूपी

‘मेरे पिता हमेशा हिंदू-मुस्लिम लड़ाई के खिलाफ रहते थे। उनकी जान हिंदू-मुस्लिम विवाद में गई। अब अगला नंबर किसके पिता का है?’- अभिषेक, सुबोध सिंह के पुत्र
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