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नवरात्र के नाम पर दिखाए सपने, मिला धोखा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 04 Oct 2014 08:55 AM IST
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में फ्लैट खरीदारों को नवरात्र पर निराशा मिली है। वादा किया गया था कि फ्लैट की चाबी दे दी जाएगी।
अब बिल्डर कह रहे हैं कि दिवाली का इंतजार करो। कुछ खरीदार तो मान गए। जबकि हकीकत यह है कि बिजली-पानी के बिना वहां फिलहाल रहना मुमकिन नहीं है। ऊपर से बिल्डर अतिरिक्त पैसे की मांग भी कर रहे हैं।
यहां के कुछ बिल्डरों को छोड़ दें, तो ज्यादातर का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। कुछ माह पहले बिल्डरों ने कहा था कि वह नवरात्र पर फ्लैटों की चाबी दे देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब खरीदारों पर बढ़े हुए मुआवजे का भार डाला जा रहा है।
कैसे आएगी बिजली, पता नहीं
यहां एक और मुसीबत है। यूपीपीसीएल और एनपीसीएल में इस बात का विवाद चल रहा है कि वहां पर बिजली की सप्लाई कौन करेगा। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
दरअसल, पहले एनपीसीएल ने मना कर दिया था कि वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सप्लाई नहीं देगा, गांव समेत अन्य स्थानों पर निगम ही बिजली दे रहा है। अब कंपनी ने दावा कर दिया है कि वही बिजली देगा। अब निगम कह रहा है कि बिजली वही देगा।
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पैसे मांग रहे, काम बंद है
यहां हालत बेहद खराब है। बिल्डर पैसों की मांग कर रहे हैं, लेकिन मौके पर जाकर देखो तो काम बंद मिलता है। खरीदार को किराया भी देना पड़ रहा है और फ्लैट की किस्त भी।
अगर प्राधिकरण खुद ही फ्लैट बनाता तो लोगों के सामने यह नौबत नहीं आती। बिल्डर झूठे वादे करके खरीदारों को गुमराह कर रहे हैं। - सुभाष बंसल, फ्लैट खरीदार
बिल्डर से पजेशन से मिल भी गया तो कोई फायदा नहीं। ग्रेनो वेस्ट में बिजली-पानी नहीं है। रात के वक्त सुरक्षा व्यवस्था भी ऐसी नहीं है कि लोग वहां पर अपना परिवार रखे सकें।
प्राधिकरण के नाम पर बिल्डर पैसा मांग रहे हैं जबकि प्राधिकरण कहता है कि उसने तो बिल्डरों से पैसा मांगा है, खरीदारों से कोई लेना देना नहीं है। -अन्नू खान, नेफोमा
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अब बिल्डर कह रहे हैं कि दिवाली का इंतजार करो। कुछ खरीदार तो मान गए। जबकि हकीकत यह है कि बिजली-पानी के बिना वहां फिलहाल रहना मुमकिन नहीं है। ऊपर से बिल्डर अतिरिक्त पैसे की मांग भी कर रहे हैं।
यहां के कुछ बिल्डरों को छोड़ दें, तो ज्यादातर का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। कुछ माह पहले बिल्डरों ने कहा था कि वह नवरात्र पर फ्लैटों की चाबी दे देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब खरीदारों पर बढ़े हुए मुआवजे का भार डाला जा रहा है।
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कैसे आएगी बिजली, पता नहीं
यहां एक और मुसीबत है। यूपीपीसीएल और एनपीसीएल में इस बात का विवाद चल रहा है कि वहां पर बिजली की सप्लाई कौन करेगा। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
दरअसल, पहले एनपीसीएल ने मना कर दिया था कि वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सप्लाई नहीं देगा, गांव समेत अन्य स्थानों पर निगम ही बिजली दे रहा है। अब कंपनी ने दावा कर दिया है कि वही बिजली देगा। अब निगम कह रहा है कि बिजली वही देगा।
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पैसे मांग रहे, काम बंद है
यहां हालत बेहद खराब है। बिल्डर पैसों की मांग कर रहे हैं, लेकिन मौके पर जाकर देखो तो काम बंद मिलता है। खरीदार को किराया भी देना पड़ रहा है और फ्लैट की किस्त भी।
अगर प्राधिकरण खुद ही फ्लैट बनाता तो लोगों के सामने यह नौबत नहीं आती। बिल्डर झूठे वादे करके खरीदारों को गुमराह कर रहे हैं। - सुभाष बंसल, फ्लैट खरीदार
बिल्डर से पजेशन से मिल भी गया तो कोई फायदा नहीं। ग्रेनो वेस्ट में बिजली-पानी नहीं है। रात के वक्त सुरक्षा व्यवस्था भी ऐसी नहीं है कि लोग वहां पर अपना परिवार रखे सकें।
प्राधिकरण के नाम पर बिल्डर पैसा मांग रहे हैं जबकि प्राधिकरण कहता है कि उसने तो बिल्डरों से पैसा मांगा है, खरीदारों से कोई लेना देना नहीं है। -अन्नू खान, नेफोमा