सामने आया NDMC का बजट, जानें इसकी मुख्य बातें
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नगर निगम के विभाजन के बाद वर्ष 2012 में आस्तित्व में आई उत्तरी नगर निगम की साल दर साल आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। इसे आयुक्त के मधुप व्यास ने बजट प्रस्ताव पेश करने के दौरान स्वीकार किया।
साथ ही घाटे के आंकड़े भी प्रस्तुत किए। सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने की स्थिति में वह दिवालिया हो गई। उसको अगले वर्ष तमाम स्रोतों से होने वाली आय के अलावा 3350 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता होगी।
नगर निगम की आय एवं व्यय में प्रतिवर्ष भारी अंतर रहता है। जबकि उसके पास आय के स्रोतों की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद उसकी आय में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो रही है। नगर निगम के अनुसार, वर्तमान वर्ष 2016-17 के दौरान 877 करोड़ रुपये का घाटा होगा।
वहीं अगले वर्ष 2017-18 में यह घाटा 3350 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। आयुक्त ने बताया कि अगले वर्ष 8562 करोड़ रुपये व्यय और 5211 करोड़ रुपये आय होने का अनुमान है। इसके अलावा वर्तमान वर्ष में 30 करोड़ रुपये बचेंगे।
इस तरह आय व व्यय में 3350 करोड़ रुपये का अंतर है। इसे दूर करने के लिए लोन लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार दिल्ली सरकार से मदद नहीं मिलने की स्थिति में नगर निगम अपने बूते कर्मचारियों व अधिकारियों का वेतन भी देने की स्थिति में नहीं होगी।
कुछ शौगातें भी देने का ऐलान
वित्त वर्ष घाटा
2012-13 790 करोड़
2013-14 540 करोड़
2014-15 475 करोड़
2015-16 376 करोड़
2016-17 200 करोड़
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ने जनता की कमर तोड़ने वाले प्रस्तावों के बीच कुछ शौगातें भी दीं। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को पंख लगाने और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए दो प्रकार के कदम उठाने के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
पार्किंग, स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने पर जोर दिया। कूड़े के निष्पादन के समाधान के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। समस्त इलाकों को कूड़ा और शौच मुक्त करने के साथ-साथ शौचालयों में सफाई का विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सफाई में सुधार किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न प्रकार की मशीन और डस्टबिन खरीदी जाएगी, वहीं निजी हाथों का भी सहारा लिया जाएगा। अस्पतालों में सभी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।
बजट की मुख्य बातें
. संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से लगभग 20 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
. स्ट्रीट लाइट को एलईडी में परिवर्तित किया जाएगा।
. पार्किंग सुविधा बेहतर करने के लिए करीब दो दर्जन जगह पर पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
. 28 स्थानों पर मार्गों एवं ड्रेनेज प्रणाली को विकसित और उसमें सुधार किया जाएगा।
. किराड़ी, घेवरा, नरेला मंडी व प्रेम नगर में रेल ओवर ब्रिज बनाया जाएगा।
. सदर पहाड़गंज व शहरी क्षेत्र, करोल बाग क्षेत्र और नरेला क्षेत्र में घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना शुरू होगी।
. प्रसाधन सुविधाएं बेहतर रूप में उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक शौचालय परिसर निजी हाथों में सौंपे जाएंगे।
. मूत्रालयों व शौचालयों की सफाई के लिए 46 जैटिंग मशीन की व्यवस्था की जाएगी।
. सड़कों के किनारे बड़े कूड़ेदान लगाए जाएंगे।
. मोबाइल टॉयलेट वैन खरीदकर विभिन्न स्थानों पर लगाए जाएंगे।
. सभी वार्डों को इस साल के अंत तक खुले में शौच मुक्त बनाया जाएगा।
. स्कूलों में शिक्षण पद्धति में बेहतरी के लिए स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे।
. स्कूली बच्चों को मादक द्रव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा।