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कॉरिडोर के सहारे दिल्ली-एनसीआर को मिलेगी रफ्तार, बजट में निवेश बढ़ाने पर जोर
Sat, 06 Jul 2019 06:09 AM IST
Abhishek Singh
संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Sat, 06 Jul 2019 06:09 AM IST
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वित्त बजट 2019
- फोटो : Social Media
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केंद्र सरकार का फोकस शहरों के बीच की आवाजाही तेज करने पर है। अपने बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तावित दिल्ली-मेरठ रैपिड रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) जैसी परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि कॉरिडोर के आसपास वाणिज्यिक गतिविधियों की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
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बजट में नेशनल कैपिटल रीजनल ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) के लिए करीब एक हजार करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है। माना जा रहा है कि इससे दिल्ली-एनसीआर की आवाजाही को आसान बनाने के लिए मॉडल के तौर पर प्रस्तावित तीनों कॉरिडोर को रफ्तार मिलेगी।
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उपनगरीय परिवहन के बेहतरीन मॉडल के तौर पर केंद्र सरकार दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच रैपिड ट्रेन चलनी है। इसके लिए तीन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसकी क्रियान्वयन एजेंसी एनसीआरटीसी है। पिछले वित्तीय वर्ष में कारपोरेशन का 659 करोड़ रुपये का बजट का प्रस्ताव था। संशोधित अनुमानों में भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि, फरवरी के अंतरिम बजट में एनसीआरटीसी को 1000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव था। आम बजट में इसे 974.25 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
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वरिष्ठ अधिकारी मानते हैं कि लगातार तीसरी बार कारपोरेशन को बजटीय आवंटन करके केंद्र सरकार ने आरआरटीएस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है। कारपोरेशन की पहली प्राथमिकता अभी दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने बजट में इसके लिए 400 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। वहीं, सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए दिल्ली सरकार का भी 265 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने भी मंजूरी दे रखी है। जल्द ही जमीनी स्तर पर काम भी शुरू हो जाएगा।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुधीर शर्मा बताते हैं कि बजटीय आवंटन केंद्र सरकार की दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी बेहतर करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। तीनों प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद पश्चिमी यूपी से हरियाणा व राजस्थान की आवाजाही तेज व बेहतर होगी।
दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत का आरआरटीएस का काम प्रगति पर
दिल्ली-अलवर आरआरटीएस प्रोजेक्ट के एक हिस्से के तौर पर दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबीआर (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ अर्बन कांप्लेक्स) को हरियाणा व राजस्थान सरकार ने मंजूरी दी है। दिल्ली से मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्र को भी भेज दिया जाएगा। दूसरी तरफ दिल्ली-पानीपत प्रोजेक्ट की डीपीआर पर काम चल रहा है।
रैपिड रेल से 90 मिनट में दिल्ली-मेरठ का सफर
प्रोजेक्ट पर एक नजर
कुल लंबाई : 90.05 किमी
स्टेशन की संख्या : 17
गाजियाबाद में स्टेशन की संख्या : 07
ट्रेन में अधिकतम कोच : 12
अधिकतम स्पीड : 180 किमी/घंटा