बदले के लिए छुट्टी पर आया था BSF का जवान
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नोएडा के सेक्टर-58 पुलिस ने एटा में बुजुर्ग रामपाल सिंह (65) की हत्या के आरोप में बीएसएफ के सिपाही विजय प्रताप को उसके बहनोई हेमंत और साथी आशीष के साथ गिरफ्तार किया है।
शव को गंगा नदी में फेंककर तीनों यहां चले आए थे। आरोपियों की कार से पिस्टल, दो तमंचे और खून से रंगे हुए कपड़े बरामद हुए हैं। तीनों एटा में कोतवाली देहात इलाके के रहने वाले हैं।
विजय ने बताया कि उसकी तैनाती त्रिपुरा में है। वह बदला लेने के लिए छुट्टी लेकर आया है। एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया रविवार देर रात मामूरा के पास एक वैगनआर कार को रोकने की कोशिश की गई लेकिन कार सवार युवक भाग निकले।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
हालांकि कुछ दूरी पर दूसरी पीसीआर ने उन्हें रोक लिया। तलाशी के दौरान कार से पिस्टल, दो तमंचे और खून से रंगे हुए कपड़े मिले। विजय ने बताया कि जमीनी रंजिश को लेकर उसका गांव-बिजौती (एटा) में गांव के ही रामपाल और उसके बेटों से विवाद चल रहा था।
दोनों पक्षों में 10 जून को झगड़ा हुआ। इस दौरान विजय के पिता अभिलाख सिंह और भाई उदय प्रताप को गोली लग गई थी। उस समय विजय त्रिपुरा में तैनात था।
हमले का बदला लेने के लिए विजय एक महीने की छुट्टी लेकर घर आया। उसने हेमंत और आशीष के साथ मिलकर 20 अगस्त को रामपाल को अगवा किया।
मारकर गंगा में फेंक दी लाश
बुजुर्ग को गोली मारने के बाद शव को कासगंज में गंगा नदी में फेंक दिया। इसके बाद तीनों कार से विजय नगर (गाजियाबाद) में विजय की बहन के घर पहुंचे।
यहां दबिश की डर की वजह से तीनों कार में ही घूम रहे थे। इसी दौरान पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को दबोच लिया। एटा के एक अनसुलझे मामले को सेक्टर-58 पुलिस ने सुलझाने के साथ-साथ आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया।
एसपी सिटी के मुताबिक एटा देहात में रामपाल के अपहरण का ही मामला दर्ज हुआ था। उसकी हत्या की जा चुकी है, इसका पता नहीं था। वहां की पुलिस को इस बारे में सूचना दे दी गई है।