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Delhi: बृजभूषण शरण सिंह की अर्जी का पुलिस ने किया विरोध, यौन उत्पीड़न मामले में दो जुलाई को सुनवाई

Sat, 01 Jun 2024 02:38 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 01 Jun 2024 02:38 PM IST
सार

WFI के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न मामले दो जुलाई को सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने यात्रा और सीडीआर समेत अन्य दस्तावेज मांगने वाली बृजभूषण शरण सिंह की अर्जी का विरोध किया।

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Hearing on Brij Bhushan Sharan Singh sexual harassment case on July 2
राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में सुनवाई के लिए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे।
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सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने यात्रा और सीडीआर समेत अन्य दस्तावेज मांगने वाली बृजभूषण शरण सिंह की अर्जी का विरोध किया। पुलिस ने कहा कि आरोपी दस्तावेज तलब करने की आड़ में दोबारा जांच की मांग कर रहा है, जिसका निर्देश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने मामले को दो जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है।

इससे पहले बृजभूषण सिंह पर तय हुए थे आरोप
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को महिला पहलवानों द्वारा दायर एक आपराधिक मामले में भाजपा सांसद व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न, धमकी और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप तय कर दिए।

कोर्ट दे चुकी है मुकदमा शुरू करने का आदेश
अदालत ने अभियोजन पक्ष को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू करने का निर्देश दिया है। कोर्ट से बाहर आने पर बृजभूषण ने कहा कि मैं पहले ही अपनी बेगुनाही का सबूत दे चुका हूं।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) प्रियंका राजपूत के समक्ष पेश आरोपियों ने पूछने पर अपना अपराध स्वीकार करने से इनकार करते हुए स्वयं को बेकसूर बताते हुए मुकदमे का सामना करने का तर्क रखा। सह-आरोपी और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ आपराधिक धमकी का आरोप भी तय किया गया है।
कोर्ट से बाहर आने पर पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मेरे ऊपर अभी चार्ज फ्रेम हुआ, जो आरोप लगाए गए हैं उसे अब पुलिस को साबित करना है। मेरे पास अपनी बेगुनाही के पूरे सबूत हैं। उनकी टिकट काटे जाने को लेकर किए गए एक सवाल पर बृजभूषण ने कहा कि मेरे बेटे टिकट मिल गया है।

इससे पहले 26 अप्रैल को अदालत ने महिला पहलवान यौन शोषण मामले में आरोपी भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह की उस अर्जी को खारिज कर दिया था। जिसमें उन्होंने महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न मामले में आगे की जांच की मांग की थी। राउज एवेन्यू कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत ने 7 मई को मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। 

जानकारी के लिए बता दें कि भाजपा सांसद द्वारा आवेदन दायर करने के बाद 18 अप्रैल को अदालत ने सिंह के खिलाफ आरोप तय करने पर आदेश टाल दिया था। अपने आवेदन में सिंह ने आरोप तय करने पर आगे की दलीलें पेश करने की अनुमति मांगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस को घटना की कथित तारीख सात सितंबर 2022 को डब्ल्यूएफआई कार्यालय में उनकी उपस्थिति के संबंध में जांच करने का निर्देश देने की मांग की।

उन्होंने दावा किया था कि वह संबंधित तारीख पर भारत में नहीं थे। ताजा आवेदन में दिल्ली पुलिस को सीडीआर रिकॉर्ड में रखने का निर्देश देने की भी मांग की गई। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एपीपी अतुल श्रीवास्तव ने आवेदन का विरोध किया था और कहा था कि इसे देरी से दायर किया गया है। उन्होंने कहा था कुछ रुकावट होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया था कि आवेदन आगे की जांच की मांग करने जैसा है और इसके कानूनी निहितार्थ होंगे जिन पर बहस करनी होगी।

शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा था कि आवेदन में देरी करने की रणनीति थी और सीआरपीसी की धारा 207 के स्तर पर दस्तावेज मांगे जा सकते थे। सिंह इस मामले में सह-अभियुक्त विनोद तोमर, जो भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव हैं के साथ जमानत पर हैं। दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने उनके खिलाफ धारा 354, 354 ए, 354 डी और 506 (1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप पत्र दायर किया था। हालाँकि एक नाबालिग पहलवान द्वारा सिंह के खिलाफ दर्ज पोक्सो मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई है।

भाजपा विधायक पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यौन उत्पीड़न की कथित घटनाएं 2016 और 2019 के बीच डब्ल्यूएफआई कार्यालय, सिंह के आधिकारिक आवास और विदेश में भी हुईं।

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