नोटों पर लगी बंदिश तो दूल्हा-दुल्हन को दिया पांच हजार का चेक
कालेधन पर अंकुश लगाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम का असर शादी बारातों पर भी दिखाई दे रहा है। 500-1000 रुपये के नोट चलन से बाहर होने की वजह से लोगों ने शगुन के लिए चेक देना शुरू कर दिया है।
बुधवार को दोस्त की बहन की शादी में आए युवकों ने दूल्हा-दुल्हन को शगुन के रूप में पांच हजार रुपये का चेक दिया। नोट बंदी के बाद देशभर में गहराए नगदी के संकट ने अब शगुन के तौर पर चेक के चलन को बढ़ने पर मजबूर कर दिया है।
एनआईटी तीन निवासी सचिन का विवाह एनएच दो में रहने वाली आंचल रत्रा की भतीजी भारती के साथ बुधवार शाम को होना था। बारात एनएच दो स्थित तोची साहब गुरुद्वारा पहुंची। अगवानी और जयमाला आदि रीति-रिवाज संपन्न होने के बाद परिजनों ने नवविवाहित जोड़े को मुबारकबाद और आशीर्वाद देना शुरू किया।
एंटीक नोट भी दिए जा रहे
दो दोस्त सागर रत्रा और तरुण बत्रा ने मिलकर दूल्हा-दुल्हन को शगुन के रूप में पांच हजार रुपये का चेक दिया। सागर और तरुण ने बताया कि वह दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने आए थे। शगुन के रूप में नगद देने का प्लान था लेकिन बैंक में लंबी लाइन लगी होने की वजह से 500 और 1000 के नोट बदल नहीं सके।
एटीएम में जब नंबर आया तो कैश खत्म हो गया। मजबूर होकर दोनों दोस्तों ने मिलकर चेक के रूप में शगुन दिया। सागर के मुताबिक दो दिन पहले भी वह एक दोस्त की शादी में शामिल हुए थे वहां भी चेक में ही शगुन दिया था। तरुण बत्रा ने बताया कि शहर में लगभग हर शादी में चेक के रूप में शगुन दिया जा रहा है।
आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नगदी की समस्या से जूझ रहे लोग शादी बारातों में एंटीक और पुराने नोट भी निकालने को मजबूर हैं। एनआईटी एक निवासी दीपिका भाटिया पुराने नोट इकट्ठा करने की शौकीन हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को उनके तीन परिचितों के यहां शादी थी। तीनों ही जगह कम से कम 2100 रुपये का शगुन देना था। बड़े नोट बंद होने की वजह से मजबूरी में उन्हें नोटों के संग्रह से सौ, पचास, बीस और दस के नोट निकाल कर शगुन दिया।