महंगा मोबाइल मांगना प्रेमिका को पड़ा भारी, गला घोंट नहर में फेंका
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महंगा मोबाइल मांगने पर प्रेमी ने किशोरी (15) की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया। आरोपी किशोरी को महंगा मोबाइल दिलाने का झांसा देकर घर से भागकर ले गया था। साथ रहने के दौरान किशोरी के लगातार मोबाइल मांगती रही जो आरोपी उसे दिला नहीं पा रहा था। दोनों के बीच कई बार झगड़ा हुआ। आरोपी बहाना बनाकर उसे नहर के पास ले गया। जहां उसने दुपट्टे से गला घोंट कर उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया।
पुलिस के मुताबिक नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली किशोरी सर्फाबाद गांव में सपरिवार किराये पर रहती थी। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसके पड़ोस में किराये पर रहने वाले हापुड़ निवासी यशवीर से प्रेम प्रसंग चल रहा था। यशवीर भाई के साथ बोरवेल का काम करता है।
यशवीर ने मई के अंतिम सप्ताह में किशोरी को एक मोबाइल दिया था। 27 अप्रैल को किशोरी की मां ने मोबाइल देख उससे पूछा। मोबाइल वापस करने की बात कहकर वह घर से निकली लेकिन वापस नहीं लौटी। रात तक वापस न लौटने पर परिजन ने थाना सेक्टर-49 पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के अनुसार 27 अप्रैल को ही किशोरी प्रेमी यशवीर संग फरार हो गई। तीन दिन तक दोनों गाजियाबाद में रहे। आरोपी किशोरी को महंगा मोबाइल दिलाने का झांसा देकर साथ ले गया था। साथ रहने के दौरान किशोरी लगातार उससे महंगा मोबाइल मांग रही थी, जो आरोपी नहीं दिला पा रहा था।
पुलिस दिखाती तेजी, तो बच सकती थी जान
इस बात को लेकर दोनों के बीच कई बार झगड़ा भी हुआ। 2 मई को आरोपी किशोरी को अपने गांव घुमाने के बहाने लेकर निकला। उसने हापुड़ के पास रजापुर सिंभावली में नहर किनारे बातों-बातों में छात्रा का दुपट्टा उसके गले में लपेटा और गला घोंट दिया। किशोरी की मौत होने के बाद आरोपी ने उसका शव नहर में फेंक दिया था।
सर्फाबाद से लापता किशोरी की सूचना नोएडा पुलिस द्वारा आसपास के जिलों की पुलिस को नहीं दी गई थी। यही वजह है कि नहर से 2 मई को किशोरी का शव हापुड़ में बरामद होने के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो सकी। हापुड़ पुलिस ने 72 घंटे तक शव के दावेदार का इंतजार कर उसका अंतिम संस्कार करा दिया। हापुड़ पुलिस ने भी आसपास के जिलों की पुलिस को शव की सूचना नहीं दी थी।
लापता किशोरी (15) की बरामदगी में नोएडा पुलिस की लापरवाही से उसकी जान चली गई। वह एक माह पूर्व प्रेमी संग भागी थी। किशोरी के परिजन जांच की गुहार करने के लिए जब थाना सेक्टर-49 जाते तो ये कहकर भगा दिया जाता था कि तुम्हारी लड़की प्रेमी संग भागी है। मामले में अब पुलिस ने किशोरी के प्रेमी को गिरफ्तार कर खुलासा किया है कि उसके महंगा मोबाइल मांगने पर आरोपी ने हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था।
किशोरी के लापता होने की सूचना मिलने के बाद अगर पुलिस जांच में तेजी दिखाती तो उसकी जान बच सकती थी। एक सप्ताह पूर्व पीड़ित परिवार के काफी दबाव डालने पर नए थाना प्रभारी ने किशोरी के मोबाइल की जांच की।
जांच में पता चला कि 27 अप्रैल को 31 बार उसकी एक ही नंबर पर बात हुई है। ये नंबर यशवीर का था। सर्विलांस की मदद से बृहस्पतिवार रात पुलिस ने यशवीर को गिरफ्तार कर लिया। कॉल डिटेल तलाशना और सर्विलांस के जरिये आरोपी की लोकेशन पता करना पुलिस का नियमित काम है। लेकिन पुलिस इसमें भी चूक गई।