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लिफ्ट में 30 मिनट फंसा रहा बालक, हड़कंप
अमर उजाला, इंदिरापुरम
Updated Wed, 20 Jan 2016 10:53 PM IST
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बिल्डर की लापरवाही की वजह से बुधवार सुबह इंदिरापुरम स्थित शिप्रा निओ सोसायटी की लिफ्ट ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर के बीच अटक गई, जिसमें रसविंदर (12) आधा घंटे तक फंसा रहा।
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लिफ्ट की लाइट चले जाने पर वह और घबरा गया और रोने लगा। काफी कोशिश के बाद भी लिफ्ट नहीं खुली, बाद में दरवाजे के बीच बने खांचे में सरिया डालकर दरवाजा खोलकर बालक को निकाला जा सका।
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वह स्कूल जाने के लिए नौवीं मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर आ रहा था। उसकी बस भी छूट गई, वह स्कूल नहीं जा सका। लिफ्ट से निकालने के बाद नौवीं मंजिल पर अपने घर सीढ़ियों से ही गया।
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दूसरी लिफ्ट में जाने से भी इंकार कर दिया। अभिभावकों ने इस मामले में बिल्डर के खिलाफ पुलिस से शिकायत दी है। पुलिस जांच कर रही है।
शिप्रा निओ में ब्लॉक-ए ब्लॉक के फ्लैट संख्या 909 में परमिंदर कुमार और प्रतिपाल सिंह रहते हैं। बुधवार सुबह 6:55 बजे 7वीं कक्षा के छात्र रसविंदर को मां परमिंदर ने स्कूल जाने के लिए लिफ्ट से नीचे भेजा, जहां उसके पिता प्रतिपाल इंतजार कर रहे थे।
बेटे के लिफ्ट में अकेले होने की वजह मां लिफ्ट के एरो साइन देख रहीं थीं। इस दौरान बिजली जाने से ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर के बीच लिफ्ट अटक गई। लाइट जाने से बच्चा घबरा गया।
लिफ्ट में लगे बटन भी दबाए, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। एरो साइट को अटका देखकर मां सीढ़ियों से नीचे पहुंची और पति को लिफ्ट अटकने की जानकारी दी। कई रेजिडेंट्स भी इकठ्ठा हो गए।
सुरक्षा गार्ड को बुलाया लेकिन चाभी से भी लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला। मेंटेनेंस कर्मचारियों को बुलाया गया, जिन्होंने कोशिश की। इस दौरान बिजली भी आ गई, लेकिन चालू नहीं हुई, जिसके बाद लिफ्ट को बंद कर दोबारा चालू किया गया।
लिफ्ट माइनस फ्लोर पर आ गई, लेकिन दरवाजा फिर भी नहीं खुला। इसके बाद दरवाजे के बीच बने खांचे में सरिया डालकर दरवाजा खोलकर बच्चे को बाहर निकाला जा सका। गुस्साए परिजनों ने बिल्डर के खिलाफ विरोध जताया।
एसएचओ गोरखनाथ यादव ने बताया कि लिफ्ट मामाले पर बिल्डर के खिलाफ शिकायत की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
वहीं, बिल्डर जोगिंदर सिंह का कहना है कि उन्हें लिफ्ट फसंने या उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत होने की जानकारी नहीं है।
दिनभर बंद रही लिफ्ट
लिफ्ट को पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया और मरम्मत शुरू कराई गई। सोसायटी के लोगों का कहना है कि जब तक लिफ्ट की मरम्मत ठीक से नहीं की जाएगी, तब तक इसे नहीं चलाया जाएगा।
20 दिन में तीन बार फंसी लिफ्ट
सोसायटी में रहने वाली कल्पना सिंह ने बताया कि यह पहली बार नहीं हुआ है। एक जनवरी से 20 जनवरी के बीच तीन बार लिफ्ट फंस चुकी है, जिसकी शिकायत मेंटेनेंस स्टाफ और बिल्डर से की जा चुकी है, लेकिन बिल्डर इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
कल्पना ने बताया कि इस बारे में पुलिस से एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है। यहां रहने वाले संदीप गहलोत ने बताया कि घटना के बाद बच्चा काफी डरा हुआ है। लोगों में भी दहशत है।
लिफ्ट एक्ट लागू करने की मांग तेज
सोसायटियों में लिफ्ट हादसों को देखते हुए एओए ने एक्ट बनाकर जल्द लागू करने की मांग तेज कर दी है। अगले सप्ताह लिफ्ट एक्ट बनाकर लागू कराने के लिए अर्बन डेवलेपमेंट डिपार्टमेंट के साथ एओए बैठक करेगी।
एओए के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात कर बैठक का समय लिया जाएगा। बैठक में प्रस्ताव विभाग के सामने रखा जाएगा।