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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Book fair: Champak, Nandan, Captain Dhruv refreshed people's old memories

पुस्तक मेला : चंपक, नंदन, कैप्टन ध्रुव ने लोगों की पुरानी यांदे की ताजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2025 08:13 PM IST
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भारत मंडपम में बड़ी संख्या में बुजुर्ग व बच्चे कर रहे इन किताबों की खरीदारी
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नितिन राजपूत

नई दिल्ली। चंपक, नंदन और कैप्टन ध्रुव ने अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में आए कई लोगों की पुरानी यादों को ताजा कर दिया है। भारत मंडपम में चल रहा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला पाठकों को इंटरनेट के युग से पहले के दौर में ले आया है। यह कहना है सरोजिनी नगर से अपनी पसंद की पुस्तकें खरीदने आए अंकित सिंह का। पुस्तक मेले में इस बार चाचा चौधरी से लेकर चंटू-बंटू के चुटकुले की कॉमिक्स की किताबें पुराने दौर की यादों को ताजा करने का काम कर रही हैं।
डिजिटल युग में पुस्तक पढ़ने का चलन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है, लेकुन इस बार पुस्तक मेेले ने लोगों को वापस पुस्तकों को खींचने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा इस बार के मेले में चंपक, नंदन जैसी पुरानी कॉमिक्स का दौर भी फिर लौट आया है। सबसे खास बात तो यह है कि युवाओं व बच्चे ही नहीं बल्कि बुजुर्ग भी इन कॉमिक बुक के दीवाने हो गए हैं। सबसे अधिक मांग चाचा चौधरी की कहानियां, चंटू-बंटू के चुटकुले किताबों की है।
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कैप्टन ध्रुव व नागराज जैसे सुपरहीरो, फैंटम, अंकुर, पिंकी, जंगल लव, टिंकल, नंदन, बाल हंस, चंपक, अकबर और बीरबल, पंचतंत्र, चंदामामा और नन्हें सम्राट समेत अन्य जैसी कॉमिक्स की पुरानी व नई प्रतियां बिक रही हैं। इनको लेकर पाठकों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। इन्हें खरीदने व पढ़ने के लिए लोगों की लंबी कतार लग रही हैं। एक दौर था, जब चाचा चौधरी, बिल्लू जैसी कॉमिक्स ही मनोरंजन का साधन हुआ करती थीं। इन कॉमिक्स को खरीदते समय अक्सर लोगों के मुंह से इन बातों को आसानी से सुना जा सकता है। पुरानी कॉमिक्स के नए संस्करण में प्रतिष्ठित भारतीय हास्य चरित्र चाचा चौधरी की नाटकीय वापसी देखी जा रही है।
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युवाओं और बुजुर्गों को याद आ रहा अपना बचपन

कई अभिभावक भी इन स्टॉल पर अपने बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। नजफगढ़ से आए हुकुम सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में इंटरनेट पैर पसार रहा है। ऐसे में बच्चों को इन कॉमिक्स के बारे में बताना बहुत जरूरी है। जब टीवी और फोन हमारे जीवन में इतना ज्यादा नहीं शामिल था, तब लोगों का मनोरंजन किताबों और कॉमिक्स के सहारे गुजरता था। ये कॉमिक्स हर उम्र के लोगों पर फिट बैठती थी, जिस कारण बच्चे हों या बुजुर्ग इन ये सभी को पसंद आती थी। कई बार बच्चे इन कॉमिक्स में छपी कहानियों को सुने बिना सोने से ही मना कर देते थे। ऐसे में इन कॉमिक्स को देखकर पुराने दिनों की यादें ताजा हो गई।

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सोशल मीडिया खत्म कर रहा बचपन

मेले में कॉमिक्स लेकर पहुंचे पुस्तक विक्रेताओं और प्रकाशकों का कहना है कि सोशल मीडिया ने बच्चों का बचपन काफी हद तक छीन लिया है। अब वह अलग प्रकार से अपना मनोरंजन करते है। ज्यादातर बच्चे सोशल मीडिया के प्रभाव में युवाओं के विषयों वाले मनोरंजन के साधनों को अपना रहे है। इस कारण कॉमिक्स की दुनिया भी सिमट गई है। हालांकि, अब थोड़ा बदलाव आ रहा है, कॉमिक्स की लोकप्रियता फिर बढ़ रही है। वह इसके पीछे की वजह नैतिक मूल्यों को बताते हैं। वह कहते हैं कि सोशल मीडिया से लोग अब ऊब रहे हैं। ऐसे में वह पुराने दौर को वापस पसंद कर रहे हैं। मेले में 50 रुपये से लेकर 150 रुपये तक की कॉमिक्स बिक रही हैं। कॉमिक्स विक्रेता विक्रांत कुमार बताते हैं कि पहले करीब हजारों में वह मैगजीन, नॉवेल, बुक सीरिज बिकते थे। लेकिन, अब इनकी बिक्री करीब 50 फीसदी तक कम हो गई है।


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विदेशी व जापानी साहित्य की बढ़ी मांग

इस बार युवाओं के बीच जापानी लेखकों की पुस्तकों की मांग भी बहुत बढ़ी है। पुस्तक मेले में देश ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े विदेशी साहित्यकारों की पुस्तकें आसानी से मिल रही हैं। युवा जापानी फिक्शन-नॉन फिक्शन को पसंद कर रहे हैं और सनका हिरागी, मीको कावाकामी, तोशिकाजू कावागुची और सोसुके नत्सुकावा जैसे मशहूर जापानी लेखकों की किताबों को अपने साथ ले जा रहे हैं। सरोजिनी नगर से आए रोहित कुमार ने बताया कि जापानी लेखकों की किताब उन्हें खूब पसंद है। जापानी उपन्यासों को पढ़ने से युवा वहां की सभ्यता, लोक संस्कृति और जीवन को भी किताबों के माध्यम से समझना चाहते हैं। यही नहीं, युवा इकिगाई, जापानी सीक्रेट टू लॉन्ग एंड हैप्पी लाइफ, वाबी साबी, जापानी विजडम फॉर ए परफेक्टली इम्परफेक्ट लाइफ जैसे जापानी साहित्य काफी लोकप्रिय है। वहीं, प्रभात प्रकाशन की ओर से प्रकाशित डॉ. रश्मि सलूजा और डॉ. गौरव गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक डॉटर ऑफ सॉयल प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू का विमोचन हुआ। इस अवसर पर डॉ. रश्मि सलूजा ने कहा कि द्रौपदी मुर्मु एक परफेक्ट मां के साथ ही इंस्पिरेशनल लेडी भी हैं।
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