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दिल्ली में बम: 'आज धरती पर आपका आखिरी दिन है, हमने बिल्डिंग में...' ईमेल के लिए किया इस नेटवर्क का इस्तेमाल

Wed, 21 Aug 2024 09:17 AM IST
शाहरुख खान शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 21 Aug 2024 09:17 AM IST
सार

Delhi Mall Bomb Threats: दिल्ली में मंगलवार को कई मॉल को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। ईमेल करने वाले ने सभी को खून के तालाब में समाने की बात लिखी। ईमेल के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।

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Delhi Bomb Threat News: Bomb threat to a mall in Delhi Virtual Private Network used for email
Bomb threat - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के 100 से अधिक अस्पतालों व मॉल्स को बम की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। एक मई को इसी तरह आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर के 200 से अधिक स्कूलों में बम रखा होने की खबर दी थी। मामले की जांच अभी जारी थी कि 12 मई को इसी तरह अस्पताल में बम रखा होने के ईमेल मिले। तब से पुलिस आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी। 
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साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि इस तरह की ईमेल भेजने के लिए अमूमन साइबर अपराधी वीपीएन टूल का इस्तेमाल करते हैं। इस टूल की मदद से अपनी डिवाइस (मोबाइल या लैपटॉप) में डाउनलोड करके शरारती तत्व जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए आरोपी जान-बूझकर विदेशी सर्वर का चुनाव करते हैं। 
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सामान्य मामलों में जब हम अपने इंटरनेट प्रोवाइडर की मदद से किसी को ईमेल या सोशल मीडिया पर मैसेज करते हैं तो उसका इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस (आईपी एड्रेस), जहां से मैसेज भेजा जाता है, उसी के सर्वर पर सेव हो जाता है। सामान्य मामलों में कोई भी जांच एजेंसी इस आईपी एड्रेस के सहारे आसानी से आरोपी तक पहुंच जाती है। 
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दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि वीपीएन के मामले में ऐसा नहीं होता है। वीपीएन से शरारती तत्व जिस देश के सर्वर का चुनाव करता है, उस देश का सर्वर मैसेज या ईमेल करते समय उसी देश का एक नया आईपी एड्रेस बना देता है। ऐसे में वीपीएन के जरिए भेजे गए मैसेज के आईपी एड्रेस से आरोपी तक पहुंचने में खासी दिक्कत होती है। 

इस तरह के मामलों में या तो उस देश की जांच एजेंसियों की मदद से आरोपी तक पहुंचा जाता है या इंटरपोल की मदद से उन तक पहुंचा जाता है। अमूमन इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है। माना जा रहा है कि मंगलवार को आए ईमेल में भी इस खेल का सहारा लिया गया है।

 

मॉल को बम से उड़ाने की धमकी
दरअसल, मई माह में दिल्ली-एनसीआर के 200 से अधिक स्कूलों व उसके बाद 20 से ज्यादा अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले की जांच अभी जारी ही थी कि मंगलवार को एक बार फिर इसी तरह 100 से ज्यादा अस्पतालों व कई मॉल को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। ईमेल करने वाले ने सभी को खून के तालाब में समाने की बात लिखी।

जीमेल के जरिए भेजा गया ईमेल एम्स, सफदरजंग, डीडीयू, अपोलो, मैक्स, फोर्टिस, गंगाराम समेत दिल्ली के ज्यादातर नामचीन अस्पतालों को भेजा गया। खबर मिलते ही आनन-फानन में लोकल पुलिस के अलावा बम व डॉग स्क्वायड, दमकल विभाग, कैट्स एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया। दोपहर 12.04 बजे अस्पतालों व मॉल्स में बम रखा होने का ईमेल प्राप्त हुआ था। जैसे-जैसे अस्पतालों को पता चलता रहा, वह पुलिस व दूसरी एजेंसियों को इसकी सूचना देते रहे। गनीमत यह रही कि दोपहर बाद खबर मिलने की वजह से अस्पताल में भीड़ कम मिली। 
 

पुलिस के अलावा तमाम एजेंसियों ने अस्पताल व मॉल की सघन तलाशी ली, लेकिन फिलहाल कहीं से भी कुछ संदिग्ध नहीं मिला। शुरुआती जांच के बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि पूर्व में स्कूलों व अस्पतालों में बम रखे जाने की सूचना देने वाले ग्रुप ने ही इस बार इस शरारत को दोहराया है। ईमेल भेजने वाले ने खुद की पहचान (कोर्ट ग्रुप) court Group बताकर इसकी जिम्मेदारी ली है। आरोपी ने इमेल में लोगों का दुनिया में आखिरी दिन होने का दावा किया। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।


 

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 12.04 बजे पर दिल्ली के 50 से अधिक अस्पताल के अलावा कई मॉल को बम से उड़ाने का एक ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल freelithiumxvn@gmail.com से भेजा गया था। शुरुआत में एक बजे के आसपास चाणक्यपुरी स्थित प्राइमस अस्पताल और नांगलोई के एक निजी अस्पताल ने ईमेल देखकर पुलिस को खबर दी गई। इसके बाद दिल्ली के दूसरे अस्पतालों से भी इसी तरह के ईमेल प्राप्त होने की खबर आने लगी। आरोपी ने एम्स, सफदरजंग, डीडीयू, अरुणा आसफ अली के अलावा फोर्टिस, मैक्स, अपोलो, गंगाराम और दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों को इसी तरह ईमेल किया था। शाम तक जैसे-जैसे अस्पताल प्रशासन को धमकी का पता चला, वह पुलिस को खबर देते रहे।
 

अंग्रेजी में आया था मेल
अंग्रेजी में लिखी धमकी में आरोपी ने लिखा था कि उसने इमारत में काले रंग के बैग में बम रख दिया है। कुछ ही घंटों में बम फट जाएगा। सभी खून के तालाब में समा जाएंगे। उधर अस्पताल में मौजूद लोगों ने जब पुलिस को देखा तो वह घबरा गए। पुलिस ने मरीजों की मौजूदगी में ही अस्पतालों की तलाशी ली। काफी देर चली तलाशी के बाद ज्यादातर जगहों पर कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

 

आज धरती पर आपका आखिरी दिन है
‘हमने आपकी बिल्डिंग के अंदर कई विस्फोटक रखे हैं, उन्हें काले बैक पैक में रखा गया है। बम कुछ ही घंटों में फटने वाले हैं। आप सभी खून के तालाब में समा जाएंगे, आप में से कोई भी जीवित रहने के लायक नहीं है। विस्फोट से बिल्डिंग के अंदर मौजूद हर व्यक्ति अपनी जान गंवा देगा। मेरे पास मानवता के लिए घृणा के अलावा और कुछ नहीं है। आज धरती पर आपका आखिरी दिन होगा।’
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