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नोएडावासियों को झटका: ब्लू और एक्वा लाइन का फासला न होगा कम, प्लानिंग में लापरवाही का खामियाजा भुगतना ही होगा

Sun, 28 May 2023 11:07 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 28 May 2023 11:07 PM IST
सार

डीएमआरसी ने स्पष्ट कर दिया है कि एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच का फासला कम नहीं किया जा सकता। इन दोनों स्टेशनों के बीच हाल्ट बनाना संभव नहीं है। अब केवल फुटओवर ब्रिज (एफओबी) ही एकमात्र विकल्प है।

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Blue and Aqua Line Metro will not reduce gap in Noida
Delhi Metro Blue Line - फोटो : File Photo

विस्तार

करीब एक दशक पहले दो मेट्रो स्टेशनों की प्लानिंग में बरती गई लापरवाही का खामियाजा हजारों यात्रियों को भुगतना ही होगा। प्रस्तावित ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना पर भी इस लापरवाही का असर पड़ेगा। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने स्पष्ट कर दिया है कि एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच का फासला कम नहीं किया जा सकता। इन दोनों स्टेशनों के बीच हाल्ट बनाना संभव नहीं है। अब केवल फुटओवर ब्रिज (एफओबी) ही एकमात्र विकल्प है, जिसके जरिये दोनों स्टेशनों के बीच यात्री आवाजाही कर सकते हैं। हालांकि, एफओबी बनने पर भी एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को करीब आधा किमी पैदल चलना पड़ेगा। 

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दरअसल, नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेनो वेस्ट के रास्ते नॉलेज पार्क-5 तक 14.958 किमी लंबी मेट्रो लाइन को विस्तार दिया जाना है। इस परियोजना को केंद्रीय मंत्रीमंडल से मंजूरी मिलनी बाकी है। दस दिन पहले केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय के ओएसडी एवं नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) के चेयरमैन जयदीप ने सेक्टर-51 व 52 स्टेशन का दौरा किया था। 

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दोनों स्टेशनों के बीच आवाजाही बेहतर बनाने की संभावना तलाशकर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। दोनों स्टेशनों के बीच जमीन तलाशकर हाल्ट का निर्माण करने की संभावनाएं तलाशने का काम डीएमआरसी को सौंपा गया था, ताकि एक्वा मेट्रो का संचालन यहीं से किया जा सके। एक अन्य विकल्प ब्लू लाइन मेट्रो के सेक्टर-61 तक एक्वा लाइन का विस्तार करने का दिया गया था ताकि ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को यहीं से विस्तार दिया जा सके। डीएमआरसी का कहना है कि दोनों स्टेशनों के बीच सेक्टर-71 अंडरपास है और आसपास जमीन की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में हाल्ट नहीं बनाया जा सकता। वहीं, सेक्टर-61 तक एक्वा लाइन को विस्तार देने में भी जमीन की अड़चन आएगी। 

25 करोड़ की लागत से बनेगा ट्रेवलेटर 
दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच राह आसान बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण 25 करोड़ रुपये की लागत से 420 मीटर लंबा ट्रेवलेटर बनवाएगा। इसके निर्माण की शुरुआत हो गई है। दिसंबर तक इसे बनाकर तैयार कर दिया जाएगा। इसे वातानुकूलित बनाया जाएगा। हालांकि, इसका निर्माण अस्थायी रूप से किया जा रहा है। 

10 साल बाद होगा स्थायी समाधान 
सेक्टर-51 व 52 मेट्रो स्टेशन के बीच आइकिया कंपनी को जमीन आवंटित है। इसके अंदर से ही करीब 200 मीटर लंबा स्काईवॉक बनाकर दोनों स्टेशनों को जोड़ने की योजना है, लेकिन कंपनी को अपना व्यावसायिक केंद्र बनाने में आठ से दस साल लगेंगे। 

हजारों यात्रियों को परेशानी, मेट्रो को घाटा
नोएडा को दिल्ली से जोडऩे वाली ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन के बीच की दूरी ज्यादा होने के कारण रोजाना हजारों यात्री परेशान होते हैं। परेशानी से बचने के लिए यात्री एक्वा मेट्रो से सफर करने की जगह निजी वाहनों को तरजीह देते हैं। ऐसे में यात्रियों की कमी से जूझ रही एक्वा मेट्रो घाटे से नहीं उबर पा रही है। इसका असर 2197.49 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ग्रेनो वेस्ट परियोजना पर नहीं पड़े, इसको लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय भी दोनों स्टेशनों की कनेक्टिविटी पर जोर दे रहा है।

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