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कार्यकर्ता सम्मेलन में वीके सिंह पर चले व्यंग्य बाण
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 13 Apr 2015 01:28 AM IST
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चुनाव जीतने के बाद से ही भाजपा सांसद और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह द्वारा की जा रही स्थानीय भाजपा नेताओं की कथित अनदेखी का दर्द अब फूटने लगा है।
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शनिवार शाम केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे स्थानीय सांसद एवं विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे कार्यकर्ताओं ने अपने दिल के दर्द भी बयां किए।
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कार्यकर्ताओं में रोष था कि अपने ही सांसद से बात तक करने को उन्हें तीन से पांच दिनों का समय लग जाता है। जबकि राजनाथ सिंह कह रहे हैं कि वीके सिंह ने कार्यकर्ताओं के दिल जीत लिए हैं।
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह शनिवार शाम को आरकेजीआईटी में भाजपा कार्यकर्ता मिलन समारोह में आए थे। इसमें गाजियाबाद के सांसद और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह भी पहुंचे थे।
हालांकि मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह तब तक कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे थे। इस दौरान मंच पर भाजपा पदाधिकारियों का संबोधन चल रहा था।
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व पार्षद पवन गोयल ने माइक संभालते ही कहा कि सांसद महोदय की छवि राष्ट्रभक्त, ईमानदार और बेदाग है, इसमें कोई संशय नहीं है, मगर जनता के प्रति उनकी जवाबदेही भी है, इस बात को उन्हें नहीं भूलना चाहिए।
जनता से मिलना तो छोड़ो भाजपाइयों से मिलने का समय भी सांसद महोदय के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ उपेक्षित पदाधिकारी तो अब यहां तक कहने लगे हैं कि हमारे हाथों तराशे गए पत्थर के सनम, देखो आज भगवान बने बैठे हैं।
यह सुनकर जहां सांसद वीके सिंह की त्योरियां चढ़ गईं, वहीं कार्यक्रम में मौजूद पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक-दूसरे के चेहरे देखने लगे।
पूर्व पार्षद पवन गोयल का कहना था कि मंत्री जी से फोन पर बात करने में ही तीन से पांच दिन का समय लगता है। दो बार महानगर भाजपा में मंत्री रह चुके मानसिंह गोस्वामी का कहना था कि जनता ने आपको सांसद चुना है न कि आपके किसी पदाधिकारी को।
जनता के प्रति जवाबदेही तो आपकी ही तय होनी चाहिए। जनता और भाजपाई दोनों ही अपने सांसद से मिलने तक को तरस जाते हैं।
सपा सरकार में भाजपाइयों की कोई सुनी नहीं जाती और अपना दर्द कार्यकर्ता सांसद से बयां करना चाहें तो उनसे बात ही नहीं हो पाती। अब ऐसे में किसी कार्यकर्ता या पदाधिकारी की कोई समस्या हो तो उसे कौन हल करेगा।
गुटबाजी भी सामने आई
कार्यकर्ता मिलन समारोह में भाजपा की गुटबाजी भी सामने आई। कई दिग्गज भाजपाई कार्यक्रम में शामिल ही नहीं हुए। भाजपा नेता अतुल गर्ग, सुनीता दयाल और पूर्व विधायक सुनील शर्मा इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुए।
यह सभी नेता और पूर्व राज्यमंत्री बालेश्वर त्यागी काइट इंस्टीट्यूट में ही केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले, मगर आरकेजीआईटी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। किसान नेता बृजपाल तेवतिया भी कुछ देर बाद ही इस कार्यक्रम को छोड़कर चलते बने।